संकटमोचन हनुमान मंदिर में आकर्षक झांकियों ने मोहा भक्तों का मन

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जन्माष्टमी पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, आधा किलोमीटर से अधिक लंबी कतारें; हनुमानजी महाराज को चढ़ाया गया डायमंड का चोला

भीलवाड़ा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार रात मुख्य डाकघर के पास स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। नगर निगम चौराहे से गोलप्याऊ चौराहे तक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। रात 8 बजे बाद कतार आधा किलोमीटर से भी अधिक लंबी हो गई। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण एवं हनुमानजी महाराज के जयकारों से गूंजता रहा।

जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया। हनुमानजी महाराज को डायमंड का चोला चढ़ाया गया। भक्तों के लिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित करीब दो दर्जन विद्युतचलित झांकियां सजाई गईं। झांकियों के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ को देखते हुए महामंडलेश्वर बाबूगिरीजी महाराज व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे।

महाभारत के प्रसंग रहे विशेष आकर्षण

इस बार झांकियों में महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। कालियादेह नागलीला, गोवर्धन पर्वत को अंगुली पर उठाना, माखन चोरी, राधा-कृष्ण की रासलीला, कृष्ण के द्वार सुदामा का आगमन, राधा-कृष्ण की बैलगाड़ी सवारी, नौका विहार, हनुमानजी द्वारा लंका दहन, समुद्र मंथन, भगवान नृसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप वध, भगवान शिव, भक्तिमति मीरा और योगमाया सहित विभिन्न झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

मंदिर परिसर में बाल कृष्ण के नौकायन से जुड़ी झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कई झांकियां हवा में उड़ती हुई दिखाई दे रही थीं, जिन्हें देखकर श्रद्धालु खासे उत्साहित नजर आए। झांकियों के साथ सेल्फी लेने के लिए भी भक्तों में होड़ रही। लोग परिवार और मित्रों के साथ झांकियों के सामने तस्वीरें लेते नजर आए।

मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म पर हुई महाआरती

मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी सांवरमल बंसल, महावीर अग्रवाल एवं रमेशचन्द्र बंसल ने बताया कि सूर्यास्त के बाद आरती के साथ झांकियों के दर्शन शुरू हुए। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद महन्त बाबूगिरीजी महाराज ने महाआरती की तथा भगवान लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर पंजीरी और माखन-मिश्री का भोग लगाया।

इस अवसर पर हरिशेवाधाम के महामंडलेश्वर हंसरामजी महाराज भी झांकियों के दर्शन के लिए संकटमोचन हनुमान मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने पर महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज ने उनका स्वागत किया।

दिल्ली, आगरा और मथुरा के कारीगरों ने तैयार की झांकियां

मंदिर में सजाई गई विद्युतचलित झांकियों को दिल्ली, आगरा और मथुरा सहित विभिन्न स्थानों से आए करीब 20 कारीगरों की टीम ने तैयार किया। झांकियों में विद्युतचलित तकनीक और आकर्षक सजावट के जरिए भगवान श्रीकृष्ण एवं अन्य धार्मिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।

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