भीलवाड़ा, 19 अप्रैल।अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शहर में आयोजित प्रथम भव्य सकल हिंदू समाज सामूहिक विवाह महोत्सव अत्यंत गरिमामय एवं ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न हुआ। श्री निम्बार्क पारमार्थिक सेवा ट्रस्ट (रजि.) के तत्वावधान में तथा महंत श्री मोहन शरण जी शास्त्री के सानिध्य में आयोजित इस समारोह में मेवाड़ क्षेत्र के संत-महंत विशेष रूप से उपस्थित होकर नवदम्पतियों को आशीर्वाद देने पहुंचे।
इस भव्य आयोजन में 31 जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के साथ परिणय सूत्र में बंधे। संतों के सानिध्य, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधियों के बीच संपन्न हुए इस सामूहिक विवाह ने सामाजिक समरसता, सादगी और भारतीय संस्कारों का प्रेरणादायक संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः गणपति पूजन एवं कलश स्थापना के साथ हुई। इसके पश्चात चित्रकूट धाम से नगर निगम क्षेत्र तक महंत श्री मोहन शरण जी के सानिध्य में भव्य शोभायात्रा एवं बारात निकाली गई। शोभायात्रा में रथ पर वर-वधु सवार थे, वहीं घोड़े-बग्गियां और भजन-कीर्तन मंडलियों ने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया।
शोभायात्रा ऋष्यश्रृंग संस्थान पहुंची, जहां तोरण व वरमाला की रस्मों के साथ मेवाड़ क्षेत्र के संतों का सम्मान किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न हुए। अंत में भावुक विदाई के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मीडिया प्रभारी दिलीप सोनी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करना तथा समाज में एकता, सादगी और सेवा भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आयोजन की सफलता में संत समाज, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों एवं शहरवासियों का विशेष योगदान रहा।
आयोजन की विशेषता यह रही कि प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थ जीवन की शुरुआत हेतु आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की गई, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ा संबल मिला। भीलवाड़ा शहर का यह प्रथम आयोजन समाज में एकता, सहयोग और परोपकार का सशक्त संदेश देने वाला ऐतिहासिक महोत्सव साबित हुआ, जिसने भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए नई दिशा प्रदान की है।
