शाहपुरा को फिर से जिला बनाने की मांग तेज

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11वां स्मरण पत्र मुख्यमंत्री के नाम सौंपा

भीलवाड़ा के शाहपुरा क्षेत्र में जिला बहाली की मांग को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। “जिला बहाल करो संघर्ष समिति” ने मुख्यमंत्री के नाम 11वां स्मरण पत्र सौंपते हुए अपनी मांग एक बार फिर दोहराई है। लंबे समय से इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और आंदोलन लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है।

ब्लैक डे पर प्रदर्शन और ज्ञापन

28 अप्रैल को समिति द्वारा “ब्लैक डे” के रूप में मनाते हुए उपखंड कार्यालय शाहपुरा के बाहर अधिवक्ताओं, समिति सदस्यों और आमजन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली।

यह आंदोलन 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त होने के बाद से लगातार जारी है। तब से हर महीने की 28 तारीख को विरोध दर्ज कराया जाता है, ताकि सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया जा सके और जल्द समाधान निकले।

आंदोलन के समर्थन में स्थानीय अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में कार्य स्थगन रखते हुए न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह मुद्दा केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को प्रभावित कर रहा है।

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संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा, संयोजक रामप्रसाद जाट और महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया के नेतृत्व में यह आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है। उनके साथ सूर्यप्रकाश ओझा, सत्यनारायण पाठक, हाजी उस्मान मोहम्मद, अजय मेहता, रामेश्वर लाल सोलंकी, उदय लाल बेरवा और प्रवीण पारीक जैसे पदाधिकारी भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

समिति का कहना है कि पूर्व में सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। यदि जल्द ही इस मांग पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा।

जिला दर्जा समाप्त होने के बाद प्रशासनिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है। यही कारण है कि आमजन इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहे हैं और लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

यह आंदोलन अब केवल एक प्रशासनिक मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह स्थानीय पहचान, विकास और जनभावनाओं से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, जो आने वाले समय में और अधिक प्रभाव डाल सकता है।

🔎 इस खबर से जुड़े अहम सवाल

प्रश्न 1: शाहपुरा का जिला दर्जा कब समाप्त हुआ? 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त किया गया था।
प्रश्न 2: आंदोलन क्यों किया जा रहा है? स्थानीय लोग शाहपुरा को पुनः जिला बनाने की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रश्न 3: इस आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है? इस आंदोलन का नेतृत्व जिला बहाल करो संघर्ष समिति के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक मिलकर कर रहे हैं।

निष्कर्ष

शाहपुरा में जिला बहाली को लेकर चल रहा यह आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कब और क्या निर्णय लेती है।

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