उदयपुर, 03 मई 2026। विश्व संवाद केंद्र समिति, चित्तौड़ प्रांत की ओर से देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर प्रांत स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में किया गया। समारोह में देशभर से आए पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति रही।
📰 पत्रकारिता का धर्म निभाने का आह्वान
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार को कभी दरबारी नहीं बनना चाहिए, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सत्य को सामने लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “उभरते भारत की सटीक तस्वीर दिखाना ही सच्ची पत्रकारिता है।”

🌱 प्रकृति और सनातन संस्कृति का गहरा संबंध
हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति का विशेष स्थान है।
- “हिंदू संस्कृति में प्रकृति के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती।”
- पेड़-पौधे, नदियाँ और पर्यावरण हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं
- विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन भारत ने बेहतर तरीके से स्थापित किया है

📈 भारत का विकास मॉडल बना उदाहरण
उन्होंने भारत के विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि—
- देश की GDP 8% से अधिक की दर से बढ़ रही है
- सड़क, रेलवे और हवाई सेवाओं में तेज़ी से विस्तार हुआ है
- वंदे भारत ट्रेन, एक्सप्रेसवे और सोलर ऊर्जा जैसे प्रोजेक्ट विकास के प्रतीक हैं
- हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो चुकी है
🎓 शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति
त्रिपाठी ने बताया कि—
- देश में IIT, IIM और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है
- MBBS डॉक्टरों की संख्या 40 हजार से बढ़कर 88 हजार प्रति वर्ष हो गई है
- स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार हो रहा है|
🎤 अतिथियों के विचार
मुख्य अतिथि सुरेश अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारों को बेबाक और निष्पक्ष होकर अपनी बात रखनी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि महावीर कुमावत ने कहा कि भाषा, जाति और क्षेत्रीय भेदभाव को खत्म कर ही श्रेष्ठ भारत का निर्माण संभव है।

🏆 5 श्रेणियों में पत्रकार सम्मान
समारोह में चित्तौड़ प्रांत के 13 जिलों से प्राप्त 132 प्रविष्टियों में से चयनित पत्रकारों को 5 श्रेणियों में सम्मानित किया गया—
- उत्कृष्ट पत्रकार (प्रिंट): भूपेश दाधीच
- उत्कृष्ट पत्रकार (इलेक्ट्रॉनिक): मुकेश हिंगड
- उत्कृष्ट छायाकार: बलराम मेहता
- उत्कृष्ट पत्रकार (यूट्यूब): निपुण भार्गव
- उत्कृष्ट स्तंभकार: भंवर सिंह कछवाहा
प्रत्येक विजेता को स्मृति चिन्ह, पुस्तक एवं ₹21,000 की सम्मान राशि प्रदान की गई।
📚 प्रदर्शनी और विशेष आकर्षण
कार्यक्रम में कई विशेष आकर्षण भी रहे—
- नारद जयंती पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन
- भारतीय संविधान के चित्रों की प्रदर्शनी
- वैदिक और भारतीय संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों का स्टॉल
🎯 निष्कर्ष
यह समारोह न केवल पत्रकारों के सम्मान का मंच बना, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, राष्ट्र निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूती से प्रस्तुत किया।
