भीलवाड़ा जिले को शीघ्र ही एक आधुनिक एवं सुविधायुक्त जिला न्यायालय परिसर की सौगात मिलने जा रही है। सांगानेर–तस्वारिया स्थित 62 बीघा भूमि पर नए न्यायालय भवन के निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला अभिभाषक संस्था, भीलवाड़ा की वर्ष 2026 की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

⚖️ “तकनीक अपनाएं, समाधान व्यावहारिक हों” – मुख्य न्यायाधिपति
राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, लेकिन उनका उपयोग व्यावहारिक और परिणामोन्मुख होना चाहिए। उन्होंने ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने पर जोर दिया।

🏛️ आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया परिसर
मुख्य न्यायाधिपति ने नए न्यायालय परिसर में पर्याप्त न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, पुस्तकालय, प्रतीक्षालय और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता बताई, ताकि न्यायिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

👩⚖️ उप मुख्यमंत्री ने बताया ‘भविष्य की नींव’
कार्यक्रम में उपस्थित राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह भूमि पूजन केवल एक निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय के सशक्त भविष्य की नींव रखने का संकल्प है। उन्होंने न्याय व्यवस्था को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए इसे सुलभ और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

👥 न्यायाधीशों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
समारोह में डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी, फरजन्द अली, प्रवीर भटनागर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन सहित कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। न्यायाधिपति पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बताया, वहीं न्यायाधिपति फरजन्द अली ने युवा अधिवक्ताओं को परिश्रम और अध्ययन के लिए प्रेरित किया। न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर ने अधिवक्ताओं को न्याय का सशक्त प्रहरी बताया।
👔 नई बार कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार
जिला अभिभाषक संस्था के नवनिर्वाचित अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ सहित पूरी कार्यकारिणी ने शपथ लेकर पदभार संभाला। अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि नया न्यायालय परिसर पारदर्शी और प्रभावी न्याय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


📊 क्यों जरूरी है नया न्यायालय परिसर?
- वर्तमान जिला न्यायालय 1948 से संचालित
- स्थानाभाव के कारण कई कोर्ट बाहर संचालित
- नए परिसर से मिलेगा स्थायी समाधान
- न्यायिक कार्यप्रणाली में आएगा गुणात्मक सुधार

कार्यक्रम में विधायक अशोक कोठारी, उदयलाल भड़ाना, लादूलाल पितलिया, लालाराम बैरवा, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, एस पी धर्मेंद्र यादव, उम्मेदसिंह राठौड़, महिपाल सिंह राणावत, पंकज दाधीच, मनोहर लाल बुनकर, रवि गोरानी, आदित्य सिंह चौहान, प्रताप तेली, पंकज पंचोली, राघवेंद्र नाथ व्यास, ओमप्रकाश तेली, वंदना आमेटा, पीरू सिंह गौड़, आनंद शर्मा, राजेश शर्मा, प्रियंका पुरोहित, अशोक व्यास सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, न्यायालय स्टाफ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
