भीलवाड़ा में अतिक्रमण पर सख्ती: 14 क्षेत्रों में 15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं हटाए तो चलेगा ‘पीला पंजा’

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भीलवाड़ा। शहर में जलभराव की समस्या से निपटने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पिछले एक महीने से नगर निगम द्वारा मुख्य बाजारों में दुकानों के बाहर किए गए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के बाद अब नगर विकास न्यास (यूआईटी) भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

न्यास प्रशासन ने शहर के 14 ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की है, जहां अतिक्रमण के कारण नालों और सड़कों पर पानी का बहाव बाधित हो रहा है। यूआईटी सचिव ने सार्वजनिक सूचना जारी कर इन क्षेत्रों में अतिक्रमण करने वालों को 15 दिनों के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा के बाद प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करेगा।

इन क्षेत्रों में चलेगा अभियान


यूआईटी द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में गौरव पथ (भदाली खेड़ा चौराहा), तिलक नगर सेक्टर-4, अजमेर चौराहा, केशव पोरवाल अस्पताल के आसपास का क्षेत्र और 200 फीट रिंग रोड शामिल हैं। इसके अलावा तिलक नगर की 120 फीट रोड (अहिंसा सर्किल से मंगल पांडे तक), ग्रिड चौराहा, पथिक नगर, मोती बावजी चौराहा, नेहरू रोड स्थित रोडवेज बस स्टैंड के सामने का क्षेत्र, कोटा रोड (सांगानेरी गेट से अहिंसा सर्किल तक), राणा पुंजा सर्किल, प्राइवेट बस स्टैंड और आसपास का इलाका, पंचवटी योजना के विभिन्न सेक्टर, प्रगतिपथ स्थित संगम हाउस के पास 160 फीट सड़क, जोधडास गांव का नाला क्षेत्र और सर्किट हाउस से कब्रिस्तान तक का क्षेत्र शामिल है।

जलभराव की समस्या बनी वजह


इन इलाकों में लंबे समय से स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण के कारण बारिश का पानी और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए न्यास ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को बाधित करने वाले किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समय के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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