मानगढ़ धाम को अविलंब राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग

खबर को शेयर करे :-

वनवासी कल्याण आश्रम की केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक में प्रस्ताव पारित

भीलवाड़ा, 2 अक्टूबर। मानगढ़ धाम को अविलंब राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने की है। भीलवाड़ा में 30 सितंबर को संपन्न हुई कल्याण आश्रम की केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया।

पत्रकार वार्ता में कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्रसिंह ने प्रस्ताव की जानकारी देते हुए बताया कि 17 नवंबर 1913 को वागड़ क्षेत्र के संत गोविंद गुरु के नेतृत्व में चल रहे भगत आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजी शासन ने मानगढ़ धाम में गोलीकांड किया था। आश्रम के अनुसार इस घटना में 1500 से अधिक जनजातीय महिला, पुरुष और बच्चे मारे गए थे। यह घटना जलियांवाला बाग हत्याकांड से छह वर्ष पूर्व हुई थी और स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय समाज के बलिदान का महत्वपूर्ण अध्याय है। कार्यक्रम का संचालन कैलाश सोनी ने किया।

उन्होंने कहा कि गोविंद गुरु के नेतृत्व में भगत आंदोलन ने अंग्रेजी शासन के दमनकारी कानूनों के खिलाफ जनजागरण के साथ जनजातीय समाज की संस्कृति, आस्था और जीवन-मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा की। मानगढ़ की घटना के बाद राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के जनजातीय क्षेत्रों में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष की चेतना और व्यापक हुई।

प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2022 को मानगढ़ धाम पहुंचकर बलिदानी जनजातीय समाज को श्रद्धांजलि दी थी। राष्ट्रपति ने भी 4 अक्टूबर 2024 को मानगढ़ धाम पहुंचकर बलिदानियों को नमन किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भी मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में मान्यता देने की सिफारिश कर चुका है।

वनवासी कल्याण आश्रम ने केंद्र सरकार से मांग की कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के साथ ही उसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप संरक्षण एवं विकास सुनिश्चित किया जाए। राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश सरकारों से स्कूल-कॉलेजों की पाठ्य-पुस्तकों में मानगढ़ के इतिहास को उचित स्थान देने का भी आग्रह किया गया।

केंद्रीय कार्यकारी मंडल ने सामाजिक-धार्मिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों से सभी मतभेदों से ऊपर उठकर मानगढ़ धाम के ऐतिहासिक महत्व को सामने लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।

30 सितंबर को केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक संपन्न होने के बाद 2 और 3 अक्टूबर को भीलवाड़ा के रामेश्वर भवन में देशभर के प्रांत पदाधिकारियों की व्यापक बैठक आयोजित की जा रही है। इसमें 300 से अधिक पदाधिकारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

इस पत्रकार वार्ता में कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तेची गुबिन, कल्याण आश्रम के संयुक्त महामंत्री विष्णुकांत , राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के अध्यक्ष डॉ. थावरचंद डामोर ,प्रचार प्रमुख प्रमोद पेठकर ,बैठक के मीडिया ,प्रचार प्रसार संयोजक कैलाश सोनी उपस्थित थे।

इस प्रेस वार्ता से पूर्व अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की प्रांत कार्यकारिणी बैठक हुई


कल्याण आश्रम की केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक 30 सितंबर से प्रारंभ हुई इस बैठक के बाद देश भर के प्रांत पदाधिकारियों की एक व्यापक बैठक दो और तीन अक्टूबर को भीलवाड़ा के रामेश्वर भवन में संपन्न हो रही है इसमें 350 से अधिक पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।


वनवासी कल्याण परिषद के जिला उपाध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि आज अखिल भारतीय वनवासी कार्यकर्ता सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि जगतगुरु निंबारकाचार्य पीठाधीश्वर श्री जी महाराज ने प्रातः 9.15 बजे दीप प्रज्ज्वलित कर किया संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रभु श्री राम ने 14 वर्ष का वनवास में वनवासियों का कल्याण किया उसी प्रकार वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा वनवासियों को मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य कर रहे है जो बहुत ही पुण्य कार्य है।


अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने वनवासियों के कल्याण के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान राम प्रकाश अग्रवाल, ज्ञानचंद जैन, दुर्गालाल सोनी, नरेश ओझा, महावीर सोनी, अनीता काबरा, गणेश काबरा, कैलाश नंदावत, दिवाकर जावा, गुणमाला अग्रवाल, महेश खंडेलवाल, कन्हैयालाल मूंदड़ा, यश श्रीवास्तव, कमल गोखरू, तरुणा शर्मा, ओम प्रकाश अग्रवाल, भागचंद बाहेती, पदम जैन, दीपक पुरोहित, सर्वेश्वर कल्या सहित अनेक कार्यकर्ता बैठक की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं।

खबर को शेयर करे :-
KP Times