देशभर के सेन समाज संगठनों के एकीकरण की ऐतिहासिक पहल
भीलवाड़ा,
दिनांक 3 एवं 4 अक्टूबर 2026 को भीलवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय वैचारिक अमृत मंथन के श्री सेन महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से आए सेन समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर कार्यरत सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की दो दिवसीय आयोजन में सेन समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक एवं संगठनात्मक विषयों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया 3 अक्टूबर को आयोजित उद्घाटन सत्र में सेन समाज के पूज्य सैनाचार्य श्री अचलानंद गिरी जी महाराज, जोधपुर, डॉ. संपूर्णानंद गिरी जी महाराज, अलवर, पूज्य दयालपुरी जी महाराज, जोधपुर, पूज्य सत्यगोपाल जी महाराज, बांदनवाड़ा तथा साध्वी मीराबाई जी, उज्जैन का सानिध्य प्राप्त हुआ कार्यक्रम में भुसावल महाराष्ट्र से श्री पुखराज राठौर, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय सेन समाज, श्री मोहन मोरवाल, पूर्व अध्यक्ष राजस्थान केश कला बोर्ड, श्री राजेश सेन, अध्यक्ष राजस्थान ओबीसी प्रकोष्ठ कांग्रेस, नई दिल्ली से श्री धीरज देसाई, राष्ट्रीय सचिव AICC, श्री हरिद्वारी लाल, राष्ट्रीय अपर महासचिव AIMCEA, गाजियाबाद से श्री सतीश कुमार सिंह, ऑल इंडिया महा पदमनंद कम्युनिटी, नई दिल्ली से श्री चंद्रपाल सिंह, अध्यक्ष जननायक कर्पूरी ठाकुर शोध संस्थान, श्रीमती कंचन देवी सेन, नारायणी धाम ट्रस्ट पुष्कर तथा जयपुर से श्री शोभाग गोठड़िया सहित लगभग 10 से अधिक राज्यों से एवं संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे संपूर्ण भारतवर्ष में सेन समाज के अनेक संगठन राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर कार्यरत हैं इन सभी संगठनों को एक सर्वसामान्य मंच उपलब्ध कराने तथा सामाजिक गतिविधियों को एक दिशा में आगे बढ़ाने को लेकर महाकुंभ में व्यापक चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया विचार-विमर्श के पश्चात देशभर के सेन समाज संगठनों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से सर्वसम्मति से “संयुक्त सेन समाज परिसंघ” की स्थापना की गई परिसंघ का मूल उद्देश्य जिला स्तर से ऊपर कार्यरत पंजीकृत सेन समाज के सामाजिक संगठनों को संबद्धता प्रदान करते हुए उन्हें एक साझा मंच पर लाना तथा समाजहित के विभिन्न विषयों पर समन्वय के साथ कार्य करना है इस अवसर पर सर्वसम्मति से श्री सुरेश कुमार सेन कटार, भीलवाड़ा को संयुक्त सेन समाज परिसंघ का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया नवनिर्मित परिसंघ के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, सेन समाज के राजनीतिक क्षेत्र में प्रतिनिधित्व को बढ़ाने, शिक्षा के क्षेत्र में समाज की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करने तथा आवश्यकता के अनुसार उचित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया गया महाकुंभ में सेन समाज को धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों से निरंतर जोड़े रखने के लिए “सेन पीठ” के निर्माण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई साथ ही सेन समाज की आस्था एवं श्रद्धा का प्रमुख केंद्र स्थापित करने के उद्देश्य से “सेन महातीर्थ” के निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया 4 अक्टूबर को आयोजित समापन सत्र में देशभर से आए विभिन्न सेन समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए इस अवसर पर सभी संगठनों को आपसी समन्वय एवं सहयोग के साथ एक मंच पर आकर समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया गया श्री सेन महाकुंभ के सफल आयोजन में सेन समाज सामूहिक विवाह समिति के पूर्व अध्यक्ष श्री बालूलाल सेन, अध्यक्ष श्री दुर्गालाल सेन माण्डल,नरेश सईवाल,सुरेश सेन कोठिया,अशोक सेन,सहित समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा
