भीलवाड़ा। अधिवक्ता गोविंद मानमिया पर हमले के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज जिला अभिभाषक संस्था ने 12 अक्टूबर को जिले की सभी अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को राजस्थान स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
जिला अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ के नेतृत्व में शुक्रवार को न्यायालय परिसर स्थित संस्था कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्था पदाधिकारियों ने अधिवक्ता पर हमले के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
अध्यक्ष राठौड़ ने बताया कि अधिवक्ता गोविंद मानमिया पर हमले के आरोपी दुर्गालाल उर्फ अक्षय गुर्जर उर्फ विक्रम की पहचान होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मामले में आरोपी का साथ देने की आरोपित महिला मारुति देवी सांसी को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
राठौड़ के अनुसार, दो दिन पहले पुलिस अधीक्षक ने जिला अभिभाषक संस्था को दो दिन में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से अधिवक्ताओं में रोष है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोमवार, 12 अक्टूबर को भीलवाड़ा जिले की सभी अधीनस्थ अदालतों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। इस दौरान अधिवक्ताओं की ओर से विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।
अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि यदि पुलिस ने अधिवक्ता गोविंद मानमिया पर हमले के आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर पूरे राजस्थान में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।
बैठक में संस्था उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, महासचिव पंकज दाधीच, रेवेन्यू महासचिव मनोहरलाल बुनकर, कोषाध्यक्ष रवि गोरानी, सह सचिव आदित्य सिंह चौहान, पुस्तकालय सचिव प्रताप तेली सहित मनोनीत सदस्य पंकज पंचोली, राघवेंद्रनाथ व्यास, ओमप्रकाश तेली, वंदना आमेटा, पीरू सिंह गौड़ और आनंद शर्मा मौजूद रहे।
