चेयरमैन रमेश सेन बोले सांस्कृतिक आयोजन सनातन परंपराओं के संरक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
नवरात्र के पावन अवसर पर आलोक सेंट्रल स्कूल, शाहपुरा में गरबा महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। आयोजन में सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक देखने को मिली। मां दुर्गा की आराधना से जुड़े इस पर्व के अवसर पर आयोजित महोत्सव ने शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर विद्यालय की सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में ऐसे आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
नवरात्र भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो शक्ति की उपासना, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में इस दौरान गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना की जाती है। इसी सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आलोक सेंट्रल स्कूल में गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने के साथ पारंपरिक मूल्यों के प्रति सम्मान और सामूहिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का आधार रू रमेश सेन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शाहपुरा नगर पालिका चेयरमैन रमेश सेन ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ शारीरिक अभ्यास और व्यक्तित्व निर्माण में भी योगदान देते हैं। उन्होंने विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।
सेन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्ययन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक सहभागिता को भी महत्व देना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग और सामूहिकता जैसे गुण विकसित करने में सहायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति अपनी समृद्ध परंपराओं और जीवन मूल्यों के कारण विशिष्ट पहचान रखती है। नई पीढ़ी को इन परंपराओं से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा ग्रहण करने के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी समझें और उसका सम्मान करें। विद्यालयों में होने वाले सांस्कृतिक आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने भी सराहे विद्यालय के प्रयास
समारोह में नगर पालिका उपाध्यक्ष डॉ. इशाक मोहम्मद, पार्षद योगेश पारीक, मधु पोंड्रीक और रचना सुनील मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने नवरात्र पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनसे नई पीढ़ी को परंपराओं, संस्कारों और सामूहिक सहभागिता का परिचय मिलता है।
वक्ताओं ने विद्यालयों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने और उनमें सामाजिक मूल्यों के विकास का उपयोगी मंच बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का समावेश बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने में मदद करता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, सामूहिक रूप से कार्य करने और विभिन्न परंपराओं को समझने का अवसर देते हैं।
गरबा के माध्यम से संस्कृति और परंपरा से जुड़ाव
नवरात्र के दौरान गरबा केवल नृत्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मां दुर्गा की आराधना, सामूहिक उत्साह और सांस्कृतिक एकता की अभिव्यक्ति भी है। इस परंपरा के माध्यम से समाज में आस्था और सहभागिता का भाव मजबूत होता है। विद्यालयों में ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है, क्योंकि विद्यार्थी यहां पुस्तकीय ज्ञान के साथ सामाजिक व्यवहार, सांस्कृतिक मूल्यों और सामूहिक जीवन की सीख भी प्राप्त करते हैं।
आलोक सेंट्रल स्कूल में आयोजित गरबा महोत्सव इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर मनाया गया। आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं के महत्व से परिचित कराने और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान विकसित करने का संदेश दिया। विद्यालय स्तर पर त्योहारों से जुड़े कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति को समझने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं।
साफा और उपरणा पहनाकर अतिथियों का स्वागत
विद्यालय के संस्था प्रधान वीरेंद्र कुमार व्यास ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का साफा एवं उपरणा पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने अतिथियों की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय की गतिविधियों में उनके सहयोग और प्रोत्साहन को महत्वपूर्ण बताया।
समारोह में विद्यालय के स्टाफ सदस्य सुशील कुमार गोड़, उषा शर्मा, शैलेंद्र सिंह राणावत, आरती शर्मा, सुषमा सेन, विष्णु जांगिड़, राजेश सेन, मुकेश तेली, गुड्डी बानो, किशन लाल धाकड़, मुरली बंजारा, देव किशन कोली, गौतम तिवाड़ी, अंजली शर्मा, चेस्ट शर्मा, अंशिका चेचाणी, आयुष आचार्य, सीताराम गुर्जर, धीरेंद्र पांचाल, खुशबू राठौड़, स्नेहा सेन, नैना पांचाल, फरजाना बानो, सुमन यादव, किरण जांगिड़, पायल नायक, रेखा प्रजापत, दिव्या श्रीवास्तव, हेम कंवर और सुचिता कांटिया सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
