नारी में बसती है भक्ति और शक्ति, अधिनियम पारित नहीं होने से कम नहीं होगा जज्बा – बोरदिया
भीलवाड़ा 18 अप्रैल। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर माने जाने वाले ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के संसद में पारित न हो पाने की निराशा को कल्याणी फाउंडेशन ने एक नई शक्ति और संकल्प में बदल दिया। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी कल्याणी फाउंडेशन की सदस्याओं ने स्थानीय शास्त्री नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर में मां की भव्य आरती की और दीप प्रज्वलित कर नारी के सम्मान और स्वाभिमान को बनाए रखने की कामना की।
कार्यक्रम में फाउंडेशन की सदस्याओं ने भक्ति भाव के साथ मां दुर्गा के समक्ष दीप जलाए, जो इस बात का प्रतीक थे कि भले ही आज नीति निर्धारण में आरक्षण की राह रुक गई हो, लेकिन सामाजिक और वैचारिक बदलाव की ज्योति जलती रहेगी। फाउंडेशन की अध्यक्ष दिव्या बोरदिया ने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित न होना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इससे हमारा मनोबल नहीं टूटा है। भारतीय संस्कृति में नारी स्वयं शक्ति का स्वरूप है। हमने मां दुर्गा के चरणों में वंदन कर यह प्रार्थना की है कि भविष्य में इस देश की नीति निर्धारण में महिलाओं को उनका वाजिब हक जरूर मिले। उन्होंने आगे कहा कि आज की नारी अपनी योग्यता के दम पर पहचान बना रही है और फाउंडेशन हर महिला को जागरूक और सशक्त बनाने के अपने संकल्प पर अडिग है।
मंदिर प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने एक-दूसरे का उत्साहवर्धन किया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि भले ही महिलाओं के हित का यह कानून रुक गया हो, पर नारी शक्ति का कारवां अब थमने वाला नहीं है। महिलाओं ने मां दुर्गा की सामूहिक आरती कर देश की उन्नति और महिलाओं के सर्वांगीण विकास की मंगल कामना की।
इस अवसर पर फाउंडेशन की प्रियंका बांठिया, एकता लोढ़ा, विनीता हिरण, प्रिया मेडतवाल, हेमा जेठानी, सुरभि चोरड़िया, कल्पना चोरडिया, मोनिका नैवावटी, सुमता जैन, निक्की खटोड़, खुशबू खटोड़, रक्षिता शर्मा, पायल चौधरी, रागिनी चौधरी, पूनम जैन, अरुणा पोखरना, पिंकी सोनी, वनिता लोढ़ा, पूनम जैन, पूजा मल्होत्रा, मोनिका चौधरी, पायल दमानी, अर्पिता तोदी सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रही।
