10 लाख रुपए के चेक अनादरण मामले में आरोपी दोषमुक्त

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भीलवाड़ा, 18 अप्रैल। 10 लाख रुपए के चेक अनादरण से जुड़े एक प्रकरण में न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। प्रकरण के अनुसार, परिवादी ज्ञानचंद जैन पुत्र माणकचंद जैन ने 1 जून 2022 को देवकरण जाट पुत्र मिश्रिलाल जाट निवासी मलान, सुभाषनगर भीलवाड़ा के खिलाफ सक्षम न्यायालय में शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि देवकरण जाट ने घरेलू खर्च के लिए उधार ली गई राशि की अदायगी हेतु 10 लाख रुपए का चेक जारी किया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित हो गया। नोटिस दिए जाने के बावजूद राशि का भुगतान नहीं किया गया।

मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता रमेश चंद शर्मा प्रथम और आशीष गौतम ने पैरवी करते हुए परिवादी द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का खंडन किया। बचाव पक्ष ने अपने समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर विस्तृत बहस की।

प्रकरण की सुनवाई करते हुए माननीय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट) प्रकरण संख्या-5, भीलवाड़ा ने दोनों पक्षों के तर्कों और प्रस्तुत न्यायिक दृष्टांतों पर विचार किया। न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों से सहमति जताते हुए 17 अप्रैल 2026 को निर्णय सुनाया, जिसमें आरोपी देवकरण जाट को धारा 138, एन.आई. एक्ट के तहत आरोप से दोषमुक्त घोषित किया गया।

इस निर्णय के साथ ही लंबे समय से चल रहे इस प्रकरण का निस्तारण हो गया।

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