भीलवाड़ा कांग्रेस में सिंबल विवाद के बाद घमासान, PCC सदस्य मनोज पालीवाल ने डोटासरा के इस्तीफे की मांग की

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महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष यज्ञ कर प्रदेश नेतृत्व को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना

भीलवाड़ा। नगर निगम चुनाव में 17 कांग्रेस प्रत्याशियों के पार्टी सिंबल समय पर निर्वाचन अधिकारी तक नहीं पहुंचने का मामला अब कांग्रेस के भीतर राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) सदस्य मनोज पालीवाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

पालीवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष यज्ञ आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना करते हुए आगामी चुनावों में कार्यकर्ताओं के हितों और संगठनात्मक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

17 प्रत्याशियों के सिंबल नहीं पहुंचने पर उठाए सवाल

पालीवाल ने आरोप लगाया कि भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में से 17 कांग्रेस प्रत्याशियों के अधिकृत सिंबल निर्धारित समय सीमा तक निर्वाचन अधिकारी के पास नहीं पहुंच सके। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 53 कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल समय पर जमा हुए, जबकि 17 प्रत्याशियों के सिंबल समय सीमा के बाद पहुंचने के कारण स्वीकार नहीं किए गए।

पालीवाल ने इस घटनाक्रम के लिए प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और चुनाव प्रभारी मुकेश वर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पार्टी प्रत्याशियों के अधिकृत सिंबल समय पर निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाना संगठन की जिम्मेदारी थी।

दलित नेतृत्व की उपेक्षा का लगाया आरोप

मनोज पालीवाल ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्र की नगरपालिकाओं में कांग्रेस प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल मिल गए, लेकिन भीलवाड़ा नगर निगम में दलित जिला अध्यक्ष के नेतृत्व वाले संगठन के साथ भेदभाव किया गया। उन्होंने इसे दलित नेतृत्व की उपेक्षा बताते हुए पूरे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।

पंचायत चुनावों को लेकर भी जताई चिंता

पालीवाल ने आगामी पंचायती राज चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन में कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा और प्रत्याशियों को समय पर पार्टी समर्थन सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी परिस्थितियां दोबारा सामने आती हैं तो इसका असर पार्टी कार्यकर्ताओं पर पड़ सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग

पालीवाल ने मांग की कि गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दें, ताकि आगामी चुनाव संगठनात्मक स्तर पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जा सकें तथा कार्यकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके।

गौरतलब है कि 17 कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल विवाद को लेकर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने भी मामले में रिपोर्ट मांगी थी। वहीं, बाद में इन 17 सीटों से जुड़े चुनाव चिह्न विवाद पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में दायर याचिकाएं भी खारिज हो गई थीं।

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