समापन दिवस पर मंगलवार सुबह 8 से 11 बजे तक होगी कथा
भीलवाड़ा। धर्मनगरी भीलवाड़ा में आयोजित प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की श्री शिव महापुराण कथा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में चल रही सात दिवसीय कथा के छठे दिन महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा।संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक कोठारी के नेतृत्व में हो रहे इस आयोजन में रविवार होने के बावजूद जनसमूह इतना अधिक रहा कि पूर्व दिनों की तुलना में भी अधिक भीड़ नजर आई। हजारों श्रद्धालु भीषण गर्मी के बावजूद जहां जगह मिली वहीं बैठकर श्रद्धा भाव से कथा श्रवण करते रहे।कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण के प्रसंगों का वर्णन करते हुए बेटियों को संकल्प दिलाया कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या प्रलोभन में न पड़ें और माता-पिता की सहमति से विवाह कर उन्हें कन्यादान का अवसर प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्ची श्रद्धा और विश्वास से ही भगवान की प्राप्ति संभव है।उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धा से भगवान शिव को जल अर्पित किया जाए तो पत्थर भी शंकर स्वरूप हो जाता है। जीवन में शिव पर विश्वास करने वाला व्यक्ति कभी भटकता नहीं है।

‘मेकअप की उम्र में भक्ति जरूरी’
पंडित मिश्रा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जिस उम्र में लोग बाहरी सजावट में लगे रहते हैं, उसी समय यदि भक्ति की जाए तो वृद्धावस्था में भगवान स्वयं सहारा बनते हैं। उन्होंने प्रतिदिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने का महत्व बताया।सनातन क्रांति का संदेशकथा में उज्जैन चारभुजा मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा देश में सनातन चेतना का जागरण कर रहे हैं और जन-जन में शिवभक्ति का प्रसार कर रहे हैं।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान ‘धीमा बजा ओ डमरू भोलेनाथ’ भजन पर महिला श्रद्धालु झूम उठीं। पांडाल के भीतर और बाहर हर ओर भक्ति का वातावरण नजर आया।
रातभर चला कीर्तन, मनाई महाशिवरात्रि
कथा विश्राम के बाद भी श्रद्धालु देर रात तक पांडाल में डटे रहे और भजन-कीर्तन के माध्यम से महाशिवरात्रि मनाई। विभिन्न समूहों द्वारा भक्ति संध्या का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
मंगलवार को होगा समापन
आयोजन समिति के अनुसार सात दिवसीय कथा का समापन मंगलवार को सुबह 8 से 11 बजे तक होगा। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयानुसार कर ली गई हैं।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चना में भाग लिया तथा विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने व्यासपीठ की आरती कर आयोजन में सहभागिता निभाई।
