म्यूल हंटर अभियान में बिजौलिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन साइबर ठगी आरोपी गिरफ्तार, एक स्थाई वारंटी भी दबोचा

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भीलवाड़ा।

साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “म्यूल हंटर” के तहत भीलवाड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के बिजौलिया थाना पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे तीन संदिग्ध बैंक खातों का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इन खातों के माध्यम से 2.42 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की गई थी और इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं।

इसी अभियान के दौरान पुलिस ने वर्ष 2014 के डकैती मामले में करीब एक वर्ष से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।


विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई

पुलिस महानिरीक्षक, अजमेर रेंज राजेन्द्र सिंह तथा जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जिलेभर में “म्यूल हंटर विशेष अभियान” चलाया जा रहा है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन एवं वृत्ताधिकारी बाबूलाल विष्णोई के सुपरविजन में थाना प्रभारी स्वागत पाण्डया के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की।


तीन बैंक खातों से हुआ 2.42 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड

जांच के दौरान यूको बैंक, बिजौलिया शाखा के तीन बैंक खाते संदिग्ध पाए गए। खातों के लेन-देन और राष्ट्रीय साइबर पोर्टल के विश्लेषण में पता चला कि इन खातों का उपयोग साइबर अपराधियों ने 2,42,093 रुपये की धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया।

पुलिस के अनुसार इन खातों के विरुद्ध दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और केरल सहित विभिन्न राज्यों से कुल 8 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।


जांच में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस ने खाताधारकों आमीन और अशफाक हुसैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने अपने—

  • बैंक खाते
  • एटीएम कार्ड
  • पासबुक
  • मोबाइल सिम

को शाबीर के माध्यम से साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था।

इसके बाद पुलिस ने शाबीर को भी गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।


क्या होता है Money Mule Account?

साइबर अपराधों में मनी म्यूल (Money Mule Account) ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है जिनका इस्तेमाल अपराधी अवैध रूप से प्राप्त धन को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने या छिपाने के लिए करते हैं।

अक्सर—

  • खाताधारक लालच में अपना खाता किराये पर दे देते हैं।
  • कुछ मामलों में लोगों को नौकरी या कमीशन का झांसा दिया जाता है।
  • खाते, एटीएम और सिम साइबर गिरोहों को सौंप दिए जाते हैं।
  • बाद में इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता है।

ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।


एक वर्ष से फरार स्थायी वारंटी भी गिरफ्तार

विशेष अभियान के दौरान बिजौलिया थाना पुलिस ने वर्ष 2014 के डकैती प्रकरण में वांछित स्थायी वारंटी सत्तु उर्फ सत्यनारायण कंजर को भी गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार आरोपी करीब एक वर्ष से फरार चल रहा था। उसे ग्राम बड़ा चिताबड़ा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।


गिरफ्तार आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—

  • आमीन पुत्र जब्बार निवासी फकीर मोहल्ला, बिजौलिया
  • अशफाक हुसैन पुत्र कालू निवासी फकीर बस्ती, बिजौलिया
  • शाबीर पुत्र मोहम्मद रफीक निवासी फकीर बस्ती, बिजौलिया
  • सत्तु उर्फ सत्यनारायण कंजर निवासी बड़ा चिताबड़ा

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई को सफल बनाने में पुलिस टीम के सदस्यों—

  • सुनील बेनिवाल
  • नरेश कुमार
  • अनिल कुमार

सहित अन्य अधिकारियों एवं जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


साइबर अपराध से कैसे बचें?

पुलिस और साइबर विशेषज्ञ नागरिकों को सलाह देते हैं कि—

  • अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें।
  • कमीशन या आसान कमाई के लालच में बैंक खाते किराये पर न दें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक लेन-देन न करें।
  • साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
  • बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें।

साइबर अपराधी अब सीधे लोगों से ठगी करने के साथ-साथ Money Mule Accounts का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। ऐसे खातों के जरिए ठगी की रकम को कई खातों में घुमाकर जांच को कठिन बनाया जाता है।

बिजौलिया पुलिस की यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि ऐसे खातों की समय रहते पहचान कर कार्रवाई की जाए तो साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा संभव है।


FAQ

प्रश्न: म्यूल हंटर अभियान क्या है?
उत्तर: यह पुलिस का विशेष अभियान है, जिसके तहत साइबर ठगी में उपयोग होने वाले बैंक खातों और उनसे जुड़े नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जाती है।

प्रश्न: कितनी राशि की साइबर ठगी सामने आई?
उत्तर: जांच में कुल 2,42,093 रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ।

प्रश्न: कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
उत्तर: साइबर ठगी के मामले में तीन आरोपी तथा डकैती के पुराने मामले में एक स्थायी वारंटी सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

प्रश्न: Money Mule Account क्या होता है?
उत्तर: ऐसा बैंक खाता जिसका उपयोग साइबर अपराधी अवैध धन के लेन-देन या उसे छिपाने के लिए करते हैं।

प्रश्न: इस मामले की जांच जारी है?
उत्तर: हां। पुलिस अन्य संदिग्धों और साइबर गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।


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