महंत बाबूगिरी महाराज बने महामंडलेश्वर, पट्टाभिषेक संपन्न

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निरंजनी अखाड़े के प्रमुख संतों के सानिध्य में पट्टाभिषेक, संतों व भक्तों चादर ओढ़ा किया अभिनंदन

भीलवाड़ा। संकटमोचन हनुमान मंदिर भीलवाड़ा के महंत बाबूगिरी महाराज अब निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज के पदनाम से जाने जाएंगे। पट्टाभिषेक समारोह सोमवार दोपहर आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउण्ड में श्री शिव महापुराण कथा पांडाल के मंच पर श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा मायापुर हरिद्धार के सचिव, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व मंशादेवी मंदिर ट्रस्ट हरिद्धार के अध्यक्ष महन्त डॉ. रविन्द्रपुरी महाराज के सानिध्य में हुआ। अध्यक्षता चारधाम मंदिर उज्जैन के महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज ने की। कई महन्त, उप महन्त व संतों की मौजूदगी में हुए गरिमापूर्ण समारोह में सांसद दामोदर अग्रवाल व भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी भी मंच पर रहे। पंडित अशोक व्यास के निर्देशन में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। देहरादून से आए महामंडलेश्वर महेशानंद गिरी महाराज ने पट्टा अभिषेक कराया। अभिषेक होते ही महामंडलेश्वर बाबू गिरी महाराज ने सबसे पहले अध्यक्षता कर रहे स्वामी शांति स्वरूपानंद महाराज व अन्य वरिष्ठ संतों से आशीर्वाद लिया। सबसे पहले उन्हें निरंजनी अखाड़े की ओर से चादर ओढ़ाई गई। इसके बाद भीलवाड़ा हरिशेवाधाम आश्रम के महामंडलेश्वर हंसरामजी उदासीन, लेटे हुए हनुमानजी मंदिर प्रयागराज के महन्त बलवीरगिरी महाराज, चित्तौड़गढ़ कालिकामाता मंदिर के महंत रामनारायण पुरी, महन्त जगन्नाथ भारती आदि संतों व भक्तों ने चादर ओढ़ाई। चांदना प्रक्रिया महन्त प्रकाशपुरी व महंत रामस्वरूप गिरी ने की। पट्टाभिषेक प्रक्रिया पूरी होते ही भगवान भोलेनाथ, भगवान एकलिंगनाथ एवं हर हर महादेव के जयकारे गूंजायमान हो उठे ओर महामंडलेश्वर बाबू गिरी महाराज पर जमकर पुष्पवर्षा की गई। श्री महाशिवपुराण कथा आयोजन समिति ने भी उनका अभिनंदन किया। संचालन कर रहे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रविन्द्रपुरी महाराज ने बताया कि निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वरों ने ये बाबू गिरी महाराज को धर्म व समाज के प्रति उनकी सेवाओं को देखते हुए महामंडलेश्वर बनाने का निर्णय लिया। दशनामी अखाड़े के संत इस पद को गुरू समान मानते है। बाबू गिरी महाराज के भागीरथी प्रयासों से भीलवाड़ा में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन हो पाया। अखाड़े ने उनको ये पद देकर मान व गौेरव बढ़ाया है। उम्मीद करते है कि वह धर्म की ध्वजा लिए निरन्तर कार्य करते रहेंगे। पट्टाभिषेक के बाद महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज का अभिनंदन करने वालों में निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रामरतन गिरी ने बताया कि पट्टाभिषेक समारोह दोपहर 1 बजे भीलवाड़ा में आजादनगर स्थित होगा। इसमें निरंजनी अखाड़े के प्रमुख संतो के साथ भीलवाड़ा व देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले संत महात्मा भी शामिल रहेंगे। बैठक में निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत दिनेश गिरी कुबेर भण्डारी मंदिर करनाली गुजरात, महंत राकेश गिरी सचिव गुरू शिखर राजस्थान, महंत राजगिरी सचिव श्रुवणनाथ मठ हरिद्धार, महंत रामसेवक गिरी सचिव प्रयागराज, महंत नीलकंठ गिरी सचिव वाराणसी आदि शामिल थे। दिगम्बर सम्प्रदाय के सतीशवन महाराज, गंगागिरी, शिवहरि गिरी, अर्जुनपुरी, उमेश भारती, प्रभातगिरी, सोमगिरी, राधेश्यामपुरी, सुखदेवगिरी, पंकजगिरी महाराज आदि शामिल होंगे।

भण्डारा में शामिल हुए संत महात्माओं का अभिनंदन

संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य में हो रही श्री शिव महापुराण कथा के उपलक्ष्य में सोमवार महंतों एवं संतो के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मां मंशादेवी मंदिर हरिद्धार के अध्यक्ष व श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा मायापुर हरिद्धार के सचिव महन्त रविन्द्रपुरी महाराज के सानिध्य में अग्रेसन भवन में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। भण्डारे में कुछ देर के लिए प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी शामिल हुए ओर विभिन्न स्थानों से आए संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। भण्डारे में शामिल संतों को बाबू गिरी महाराज द्वारा आदर के साथ दक्षिणा भी प्रदान की गई। देश के विभिन्न क्षेत्रों से भण्डारे में शामिल होने पहुंचे 200 से अधिक संत भण्डारे में शामिल होने के बाद मेडिसिटी ग्राउण्ड पहुंचे बाबूगिरी महाराज के महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक कार्यक्रम में शामिल हुए इसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण किया।

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