भीलवाड़ा। वर्ष 2020 में अवैध बजरी की रोकथाम के दौरान सामने आए 84 किलो 400 ग्राम अफीम डोडा चूरा तस्करी के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस न्यायालय, भीलवाड़ा ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले के अनुसार 11 जून 2020 को तहसीलदार हनुमंत सिंह कोटड़ी ने टेलीफोन के जरिए बडलियास थाना अधिकारी सुरजीत ठोलिया को सूचना दी कि अवैध बजरी की रोकथाम के लिए गश्त के दौरान चांदगढ़ जंगल में सरकारी वाहन को देखकर एक मारुति वैन (आरजे 06 यूबी 4579) में सवार व्यक्ति वाहन छोड़कर फरार हो गया। वाहन में अफीम डोडा चूरा होने की आशंका पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन की जांच की। तलाशी के दौरान मारुति वैन से 84 किलो 400 ग्राम अफीम डोडा चूरा बरामद कर जब्त किया गया।
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। अनुसंधान में वाहन ईश्वर वैष्णव पुत्र शंकरदास वैष्णव निवासी दान्थल, थाना सदर के नाम से होना सामने आया। ईश्वर वैष्णव को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने श्यामलाल बलाई पुत्र सोनाथ बलाई निवासी दान्थल, थाना सदर के साथ अफीम डोडा चूरा लाने की जानकारी दी। अनुसंधान के दौरान मनोहर लाल उर्फ बाबूलाल पुत्र मांगीलाल धाकड़ निवासी सुरास, थाना बीगोद की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
ट्रायल के दौरान विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस न्यायालय, भीलवाड़ा ने ईश्वर वैष्णव, श्यामलाल बलाई और मनोहर लाल उर्फ बाबूलाल धाकड़ को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत दोषी माना। न्यायालय ने तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने पैरवी करते हुए दोष सिद्ध करने के लिए न्यायालय के समक्ष 13 गवाहों के बयान तथा 121 दस्तावेज प्रस्तुत किए।
