राजस्थान पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त कार्रवाई
भीलवाड़ा। राजस्थान पुलिस द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे उमंग-7 अभियान के तहत शहर में संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। बच्चों को महारानी कॉम्प्लेक्स स्थित एक प्रतिष्ठान से रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
जानकारी के अनुसार मानव तस्करी विरोधी इकाई एवं बाल संरक्षण विभाग की संयुक्त टीम ने महारानी कॉम्प्लेक्स स्थित मेवाड़ी चाय प्रतिष्ठान पर कार्रवाई करते हुए दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इसके बाद दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति अध्यक्ष चंद्रकला ओझा एवं सदस्य विनोद राव के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति ने बच्चों की सुरक्षा एवं देखभाल को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्थायी आश्रय के लिए एवरेस्ट शेल्टर होम में भेजने के निर्देश दिए।
कार्रवाई में मानव तस्करी विरोधी इकाई के मुकेश कुमार पारीक, ईश्वर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक किशन सिंह तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परियोजना समन्वयक हेमंत सिंह सिसोदिया एवं सुपरवाइजर राधेश्याम गुर्जर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम, बाल तस्करी और बाल शोषण के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं बाल श्रम या बाल शोषण का मामला दिखाई दे तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचना दें।
