नाबालिग किशोरी को ले जाने के मामले में आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास

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भीलवाड़ा। फुलियाकलां थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 42 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।

प्रकरण के अनुसार 18 नवंबर 2024 को पीड़िता के परिजन ने थाना फुलियाकलां में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 नवंबर 2024 की रात करीब 3 बजे नींद खुलने पर घर का मुख्य गेट और कमरे का गेट खुला मिला तथा नाबालिग पुत्री घर पर नहीं थी। तलाश करने पर उसका पता नहीं चला। बाद में इंस्टाग्राम पर मस्तराम गिरी निवासी लसाड़िया के साथ उसकी विवाह संबंधी फोटो दिखाई देने की बात रिपोर्ट में बताई गई। रिपोर्ट में किशोरी की जन्मतिथि 27 सितंबर 2007 बताई गई थी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी को दस्तयाब किया। उसके तथा गवाहों के बयान दर्ज किए गए और मेडिकल परीक्षण कराया गया। अनुसंधान के बाद आरोपी मस्तराम गिरी पुत्र सोहनलाल गिरी, जाति गुसाईं, उम्र 26 वर्ष, निवासी लसाड़िया, थाना पांडेर, जिला भीलवाड़ा को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 34 दस्तावेज और 19 गवाह प्रस्तुत कर आरोप साबित किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 श्रीमती रेखा वाधवा ने आरोपी मस्तराम गिरी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 42 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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