मीणा समाज की बैठक से पालिका अध्यक्ष चुनाव में नया मोड़!

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8 मीणा पार्षदों की जीत के बाद समाज ने उठाई अध्यक्ष पद की मांग, विधायक गोपीचंद मीणा पर बढ़ा दबाव

जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब)। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जहाजपुर की सियासत में लगातार नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। मांगट देव परिसर में बुधवार को मीणा समाज की बैठक चल रही है। बताया जा रहा है कि बैठक में मीणा बारापाल सहित समाज के लोग पालिका अध्यक्ष पद को लेकर मंथन कर रहे हैं। इस बैठक के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव में नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।

मीणा समाज के लोगों का कहना है कि नगर पालिका चुनाव में समाज के 8 पार्षद जीतकर आए हैं, ऐसे में अध्यक्ष पद पर मीणा समाज के प्रतिनिधि को मौका मिलना चाहिए। अध्यक्ष पद को लेकर समाज की ओर से विधायक गोपीचंद मीणा पर दबाव बनाने की राजनीति भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

भाजपा ने अलकेश वैष्णव पर जताया भरोसा

दूसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अलकेश वैष्णव को अपना प्रत्याशी बनाया है। अलकेश वैष्णव ने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। ऐसे में अब मीणा समाज की मांग और भाजपा के घोषित प्रत्याशी के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

परकोटे के पार्षद को अध्यक्ष बनाने की मांग भी उठी

इधर पालिका क्षेत्र के परकोटे वाले क्षेत्र में भी अलग तरह की मांग सामने आ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि परकोटे से निर्वाचित पार्षदों में से ही किसी को नगर पालिका अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। इससे अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर राजनीतिक खींचतान और बढ़ती दिखाई दे रही है।

भाजपा खेमे में बहुमत का दावा

नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने 25 में से 15 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा के साथ तीन से चार निर्दलीय पार्षदों के होने का भी दावा किया जा रहा है। ऐसे में भाजपा खेमे को अध्यक्ष चुनाव में मजबूत स्थिति में माना जा रहा है। हालांकि अंतिम तस्वीर पार्षदों के मतदान के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस-प्रशासन अलर्ट, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

अध्यक्ष पद को लेकर बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के बीच पुलिस एवं प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। पुलिस उपाधीक्षक रेवड़मल मौर्य एवं थानाधिकारी दयाराम चौधरी ने कानून-व्यवस्था को लेकर मोर्चा संभाल रखा है। बैठक और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

अब सवाल यह है कि मीणा समाज की मांग के बाद भाजपा के भीतर अध्यक्ष पद को लेकर क्या नया समीकरण बनता है? क्या पार्टी अपने घोषित प्रत्याशी अलकेश वैष्णव के साथ आगे बढ़ेगी या समाज के दबाव के बीच कोई नया चेहरा सामने आएगा? इन सवालों के जवाब अध्यक्ष पद के चुनाव के साथ ही सामने आएंगे।

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