भीलवाड़ा। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा भीलवाड़ा का दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापनगर में शुरू हुआ। सम्मेलन में शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न शैक्षिक एवं संगठनात्मक मुद्दों पर मंथन किया गया।
संगठन के जिला मंत्री तारीफ हुसैन ने बताया कि उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व संयुक्त निदेशक एवं शिक्षाविद् डॉ. महावीर कुमार शर्मा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अब्दुल शाहिद शेख ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय लोक अदालत सदस्य शांति लाल जैन तथा प्रधानाचार्य भानुप्रकाश पारीक मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों पर बढ़ रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ का मुद्दा उठाते हुए शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की। जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा ने संगठन का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा अतिथियों एवं उपस्थित शिक्षकों का स्वागत किया।
उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित खुले मंच में तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, लंबित वर्षों की डीपीसी प्रक्रिया तत्काल पूरी करने, शिक्षकों को बीएलओ सहित अन्य लिपिकीय एवं गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने और स्थायी एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसके अलावा पीईईओ एवं यूसीईईओ को हार्ड ड्यूटी अलाउंस के रूप में 10 प्रतिशत भत्ता देने, सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने तथा विद्यार्थियों में नैतिक एवं संस्कार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने सहित कई विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
प्रदेश सह संगठन महामंत्री प्रेम शंकर जोशी ने शिक्षकों से अपनी मांगों को लेकर संगठित रहने का आह्वान किया। संयुक्त मंत्री लीलाधर तिवारी ने सम्मेलन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
