शिक्षक संघ (सियाराम) का दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन संपन्न

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शिक्षकों व शिक्षार्थियों से जुड़े मुद्दों पर हुआ मंथन, संस्कारवान व चरित्रवान विद्यार्थी तैयार करने पर जोर

भीलवाड़ा। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) जिला शाखा भीलवाड़ा का दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापनगर में शिक्षकों और शिक्षार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित खुले अधिवेशन में शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक हित और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

खुले अधिवेशन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने की। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ संस्कारवान और चरित्रवान बनाने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण है।

संगठन के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि खुले अधिवेशन में प्रदेश सह-संगठन मंत्री प्रेम शंकर जोशी ने शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए छात्र हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर विचार रखे।

सम्मेलन के खुले मंच पर शिवराज झंवर, सुमित मुरारी, नीलम सिन्हा, चंद्रभान सिंह, घनश्याम खटीक, राजेश शर्मा, सुनील डीडवानिया, पवन नामा और अजय जैन सहित अन्य वक्ताओं ने शिक्षक स्व-आचार संहिता तथा शिक्षा में नवाचारों पर चर्चा की। शिक्षकों को बदलती शैक्षिक जरूरतों और नए नवाचारों से अपडेट रहने का प्रस्ताव भी रखा गया।

दो दिवसीय सम्मेलन में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव तैयार किए गए। इनमें तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों के स्थानांतरण एवं डीपीसी, स्टाफिंग पैटर्न, नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने, ऑनलाइन कार्यों के बोझ को कम करने, यथावत लगे शिक्षकों को पदस्थापन देने तथा नव पदोन्नत व्याख्याताओं के स्थानांतरण सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार सम्मेलन में तैयार किए गए प्रस्तावों को राज्य सरकार को भेजा जाएगा, ताकि शिक्षक और विद्यार्थी हित से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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