शिक्षकों से विद्यार्थियों में उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने का आह्वान
गंगापुर, 19 सितंबर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा), जिला भीलवाड़ा का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर में संपन्न हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक, संगठन पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
मुख्य वक्ता अखिल भारतीय जनसांख्यिकी लाभांश प्रमुख एवं माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राजकुमार चतुर्वेदी ने कहा कि भारत को गरीबी मुक्त शिक्षक ही करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को गतिमान रखने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक विद्यार्थियों को स्थानीय रोजगार से जोड़ने के साथ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उद्यमशीलता के लिए प्रेरित करें। राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों में परिवार छोटे होते जा रहे हैं और ऐसे समय में विद्यालय बच्चों के संस्कार एवं व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बन जाता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों, रोजगार और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने तमिलनाडु के जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू तथा स्थानीय उद्योगपतियों द्वारका प्रसाद मंगल और नितिन स्पिनर्स के दिनेश नौलखा का उदाहरण देते हुए कहा कि विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों में स्थानीय उद्योगों की चित्र प्रदर्शनी लगाने तथा विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों एवं नवाचार के आधार पर नए उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित करने की बात कही।
उन्होंने गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भरता बढ़ाने तथा घर-घर बायोगैस और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आग्रह करते हुए उपस्थित शिक्षकों को स्वदेशी का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ की प्रदेश सहसंयोजक सुशीला जाट ने की। मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहाड़ा नरोत्तम दाधीच रहे। विशिष्ट अतिथियों में जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र बड़वा, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी माधव सिंह बड़वा, गोवर्धन स्वर्णकार, जिला पालक जगदीश गुर्जर, प्रांत सहसंयोजक स्वदेशी जागरण मंच राजेंद्र सिंह गहलोत तथा सम्मेलन संयोजक बालकृष्ण वैष्णव मौजूद रहे।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरोत्तम दाधीच ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की धुरी है और अपने प्रयासों से आदर्श समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जिला पालक जगदीश गुर्जर ने कहा कि संगठन केवल कागजी संगठन नहीं है, बल्कि धरातल पर सक्रियता और संख्याबल के आधार पर भी देश का बड़ा शिक्षक संगठन है। उन्होंने विद्यालय को ही तीर्थ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने की बात कही।
जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र बड़वा ने कहा कि संगठन शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। शिक्षकों की समस्याओं को समय-समय पर उच्चाधिकारियों के समक्ष रखकर उनके समाधान का प्रयास किया जाता है।
जिला संगठन मंत्री कृष्णपाल सिंह ने कहा कि सम्मेलन के दूसरे दिन बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति संगठन की धरातलीय सक्रियता को दर्शाती है।
कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री ईश्वर सिंह चौधरी ने किया। खंड उपाध्यक्ष नारायण सिंह चुंडावत ने जिलेभर से आए शिक्षकों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। जिला मंत्री ईश्वर सिंह चौधरी ने सम्मेलन के आयोजन के लिए खंड अध्यक्ष बालमुकुंद वैष्णव एवं उनकी कार्यकारिणी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
सम्मेलन में सुवाणा खंड अध्यक्ष ओम प्रकाश सुथार, मंत्री अनिल उपाध्याय, शहर अध्यक्ष संध्या रानी सिंह, मांडल खंड अध्यक्ष श्याम लाल खटीक, करेड़ा खंड अध्यक्ष रामेश्वर लाल आमेटा, रायपुर खंड अध्यक्ष विजेश सैनी, हुरड़ा खंड अध्यक्ष गोपाल लाल भील, मांडलगढ़ खंड अध्यक्ष नंद सिंह पारीक, बिजौलियां खंड अध्यक्ष मदन मोहन मीणा सहित विभिन्न खंडों की कार्यकारिणी, पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
