पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 भीलवाड़ा ने 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया दंडित
भीलवाड़ा। पारोली थाना क्षेत्र में नाबालिग से गलत काम करने की कोशिश और विरोध करने पर मारपीट करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट संख्या-1, भीलवाड़ा ने आरोपी दिलखुश मीणा को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
मामले के अनुसार 27 दिसंबर 2022 को पीड़िता के परिजन ने पारोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 25 दिसंबर 2022 की रात करीब 12 बजे उनकी पुत्री घर पर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान आरोपी दिलखुश मीणा घर में घुस आया और नाबालिग के साथ गलत काम करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, गला दबाया और बाल पकड़कर खींचे।
पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी बाड़ कूदकर अपनी बहन के घर चला गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पारोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले में अनुसंधान करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों के बयान करवाए गए तथा 14 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश महोदय रेखा वधवा ने आरोपी दिलखुश मीणा को दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने पैरवी की।
