फाइनेंस कर्मी बनकर पहुंची पुलिस, एक साल से फरार दुष्कर्म का आरोपी दबोचा

खबर को शेयर करे :-

5 हजार रुपए का था इनाम, मोबाइल से दूरी बनाकर ट्रक चलाकर बदल रहा था ठिकाने

जहाजपुर । करीब एक साल से फरार चल रहे दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के वांछित आरोपी को जहाजपुर पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और ट्रक चलाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में फाइनेंस कर्मियों का रूप धारण कर आरोपी के ठिकाने तक पहुंचकर उसे दबोचा।

थानाधिकारी दयाराम चौधरी ने बताया कि दिलखुश पुत्र बाबूलाल मीणा (26) निवासी कुराड़िया के खिलाफ 4 सितंबर 2025 को नाबालिग पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। अनुसंधान के दौरान आरोपी की सहयोगी गुड्डी देवी को पहले गिरफ्तार किया जा चुका था।
मुख्य आरोपी दिलखुश के लगातार फरार रहने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा की ओर से 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता और बूंदी, कोटा व झालावाड़ की तरफ ट्रक चलाने लगा है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों की गोपनीय जानकारी जुटाई। आरोपी के सावर क्षेत्र के आसपास तथा अजमेर-देवली मार्ग की तरफ ट्रैक्टर चलाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने उसके संभावित ठिकाने का पता लगाया।
इसके बाद पुलिस टीम के सदस्यों को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के रूप में भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर गोपनीय तरीके से आरोपी की पहचान सुनिश्चित की और इशारा मिलते ही उसे पकड़ लिया। आरोपी को 26 सितंबर को गिरफ्तार कर जहाजपुर थाने लाया गया, जहां पूछताछ के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक रेवड़ मल मोर्च के सुपरविजन में थानाधिकारी दयाराम चौधरी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की। टीम में पुलिसकर्मी काशीराम, भगवान, मंगल सिंह, राधेश्याम और किशन शामिल थे।

खबर को शेयर करे :-