भीलवाड़ा। नगर निगम भीलवाड़ा की अतिक्रमण शाखा की कार्यप्रणाली को लेकर एक परिवादी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवादी का आरोप है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायत के निस्तारण में नगर निगम की ओर से मौके पर अतिक्रमण नहीं होने की जानकारी दी गई, जबकि उसके अनुसार मौके पर स्थिति इससे अलग है।
परिवादी के अनुसार 25 सितंबर 2026 को राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से उसे नगर निगम की ओर से जानकारी दी गई कि संबंधित स्थान पर कोई अतिक्रमण नहीं है और नगर निगम द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है। इसके बाद परिवादी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उसका दावा है कि मौके पर अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है और यह नगर निगम की रिपोर्ट से मेल नहीं खाती।
मामले को लेकर परिवादी नगर निगम कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों को मौके की स्थिति से अवगत कराया। परिवादी के अनुसार उसने नगर निगम आयुक्त RAS कमल जी साहब के समक्ष भी पूरे प्रकरण की जानकारी रखी। आरोप है कि अपनी शिकायत और अतिक्रमण से संबंधित समस्याओं को अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामने रखने के दौरान उसे संतोषजनक समाधान मिलने के बजाय बहस की स्थिति उत्पन्न हो गई।
परिवादी ने अतिक्रमण शाखा की कार्यप्रणाली और कार्यालय में कथित अनुशासनहीनता को लेकर भी आयुक्त को जानकारी देने की बात कही है। उसका कहना है कि परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उसे नगर निगम कार्यालय से बाहर निकलना पड़ा।
परिवादी ने अतिक्रमण शाखा में तैनात होमगार्ड कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि कुछ कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों से अलग प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिवादी का मुख्य सवाल शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर है। उसका कहना है कि यदि मौके पर अतिक्रमण मौजूद है, तो शिकायत के जवाब में अतिक्रमण नहीं होने की रिपोर्ट किस आधार पर दी गई। इसी के चलते उसने शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और राजस्थान संपर्क पोर्टल की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
परिवादी ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मौके की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए। साथ ही, शिकायत के निस्तारण से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि मौके की स्थिति और विभागीय रिपोर्ट में अंतर क्यों सामने आया।
परिवादी का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी का व्यक्तिगत विरोध करना नहीं है, बल्कि वह चाहता है कि शिकायत का नियमानुसार और वास्तविक तथ्यों के आधार पर समाधान हो। यदि जांच में गलत रिपोर्ट या नियमों के विपरीत शिकायत निस्तारण सामने आता है तो संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
अब देखना होगा कि नगर निगम भीलवाड़ा इस मामले में मौके का पुनः निरीक्षण कर शिकायत की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं। मामले में नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
