बच्चों में कुपोषण और आंखों की समस्याओं की रोकथाम के लिए चलेगा विशेष अभियान
भीलवाड़ा।
जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और कुपोषण की रोकथाम के उद्देश्य से 29 मई से 29 जून 2026 तक विटामिन-ए अनुपूरण अभियान का 50वां चरण चलाया जाएगा। अभियान के तहत 9 माह से 5 वर्ष तक आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान चिकित्सा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त समन्वय से संचालित किया जाएगा। इसके लिए सभी चिकित्सा संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि विटामिन-ए बच्चों की आंखों की रोशनी, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी से बच्चों में रतौंधी, कमजोरी, संक्रमण और कुपोषण जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सीएमएचओ ने अभिभावकों से अपील की कि वे निर्धारित तिथि पर अपने बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र पर लेकर जाएं और विटामिन-ए की खुराक अवश्य दिलवाएं।
अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ. रामकेश गुर्जर ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए आशा सहयोगिनी, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 9 माह से 12 माह तक के बच्चों को आधा चम्मच (1 एमएल) और 1 वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों को एक चम्मच (2 एमएल) विटामिन-ए सिरप पिलाया जाएगा। यह खुराक हर छह माह में दी जाती है, जिससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक सामान्यतः सुरक्षित होती है। हालांकि यदि किसी बच्चे में दवा सेवन के बाद उल्टी, दस्त या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
अभियान के दौरान स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के विशेष निर्देश भी जारी किए गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को दवा पिलाने से पहले हाथों की सफाई और उपकरणों के सेनिटाइजेशन के निर्देश दिए गए हैं।
