हरि शेवा उदासीन आश्रम में भक्तमाल कथा का आध्यात्मिक प्रवाह जारी

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प्रेम, समर्पण और श्रद्धा से ही होती है भगवान की प्राप्ति : जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ

भीलवाड़ा।
सनातन सेवा समिति, हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर एवं महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में श्री भक्तमाल कथा का आध्यात्मिक आयोजन निरंतर जारी है। कथा के चौथे दिवस ज्योतिर्मठ अवान्तर भानपुरा पीठ, मध्यप्रदेश के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ महाराज ने भक्तों को भक्ति, समर्पण और ईश्वर प्राप्ति का गूढ़ संदेश दिया।

अपने प्रवचन में शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ ने कहा कि जो व्यक्ति जीवन की प्रत्येक परिस्थिति को भगवान की कृपा मानकर स्वीकार करता है और सुख-दुःख में समभाव रखता है, वही अंततः ईश्वर की कृपा का अधिकारी बनता है। उन्होंने कहा कि प्रेम, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण के साथ भगवान एवं संतों के चरणों में जीवन अर्पित करने वाला भक्त ही वास्तविक मुक्ति प्राप्त करता है।

कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के दिव्य चरण चिन्हों का वर्णन करते हुए बताया कि उनके चरणों में अंकुश, ध्वजा, कमल, शंख, चक्र, स्वस्तिक, कलश और अन्य शुभ प्रतीक अंकित हैं, जो भक्तों के जीवन में मंगल और कल्याण का संचार करते हैं।

जगद्गुरु शंकराचार्य ने श्रीमद्भागवत महापुराण तथा भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव स्वयं भगवत भक्ति के भंडार हैं और उनकी कृपा के बिना ईश्वर भक्ति का मार्ग कठिन है। उन्होंने श्रद्धा और विश्वास को ईश्वर प्राप्ति का आधार बताते हुए कहा कि भगवान सर्वत्र विद्यमान हैं, लेकिन प्रेम और भक्ति से ही उनका अनुभव किया जा सकता है।

रामेश्वरम् प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा शिवलिंग स्थापना का संदेश यही है कि भगवान राम और भगवान शिव में कोई भेद नहीं है। दोनों एक ही परम तत्व के स्वरूप हैं और सनातन संस्कृति एकता, श्रद्धा और समन्वय का संदेश देती है।

कथा के दौरान पूरा सभागार भक्ति, वैराग्य और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर रहा। श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा श्रवण करते रहे तथा भजनों और संकीर्तन में सहभागी बने।

कथा के समापन पर महाआरती आयोजित की गई तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर विष्णु यज्ञ में भोपाल के चंद्र लालचंदानी परिवार ने आहुतियां अर्पित कीं तथा महादेव का रुद्राभिषेक संपन्न कराया।

पुरुषोत्तम माह महोत्सव के अंतर्गत आश्रम में प्रतिदिन विष्णु यज्ञ, रुद्राभिषेक, गंगा आरती, हरिनाम संकीर्तन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए जा रहे हैं।

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