स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रियायती दर पर बजरी उपलब्ध कराने की मांग, 10 दिन में समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
जहाजपुर (मोहम्मद आजाद नेब)। उपखंड क्षेत्र में स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बजरी उपलब्ध नहीं होने के विरोध में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने उपखंड अधिकारी छत्रपाल सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थानीय लोगों को रियायती दर पर बजरी उपलब्ध कराने की मांग की।
इससे पहले क्षेत्रवासी अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर बारह देवरा में एकत्र हुए। यहां से ट्रैक्टर रैली चावंडिया चौराहा, देवली रोड, गफूर चौराहा और बस स्टैंड होते हुए खेल स्टेडियम पहुंची। रैली के दौरान लोगों ने स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बजरी नहीं मिलने पर रोष जताया।
ज्ञापन में बताया गया कि जहाजपुर क्षेत्र में बनास नदी से निकलने वाली बजरी को ईआरसीपी कंपनी द्वारा बड़े वाहनों, ट्रकों और डंपरों के माध्यम से ले जाया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बजरी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके चलते स्थानीय लोगों को निर्माण कार्यों के लिए महंगी दरों पर बजरी खरीदनी पड़ रही है।
आंदोलनकारियों के अनुसार बजरी की उपलब्धता नहीं होने से निर्माण कार्य से जुड़े कारीगरों, मजदूरों, ट्रैक्टर मालिकों और चालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कंपनी को गाद निकालने का ठेका दिया गया है और नियमानुसार किसानों को गाद नि:शुल्क उपलब्ध कराई जानी है, लेकिन इसके बावजूद गाद को ट्रकों और ट्रेलरों में भरकर ले जाया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रियायती दर पर बजरी उपलब्ध कराई जाए तथा सरकारी दर 60 रुपये प्रति टन के अनुसार रॉयल्टी राशि काटने की अनुमति दी जाए।
खेल स्टेडियम पहुंचने के बाद रैली के नेतृत्वकर्ता एडवोकेट रामजस मीणा ने रॉयल्टी दर पर बजरी उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने 10 दिन के भीतर स्थानीय लोगों को रियायती दर पर बजरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं की, तो इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
