भीलवाड़ा/टोंक। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील के पटवार हल्का ऊंचा के पटवारी भंवर सिंह को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ACB टोंक इकाई ने मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी पटवारी पर न्यायालय के आदेश के अनुसार जमीन की डिक्री की पालना करने के बदले परिवादी से रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
1064 हेल्पलाइन पर मिली शिकायत से खुला मामला
ACB के अनुसार शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसके पिता के पक्ष में न्यायालय का निर्णय होने के बावजूद जमीन की डिक्री की प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित पटवारी 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
ACB ने शिकायत का सत्यापन किया। 25 जून 2026 को सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा कथित रूप से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और लेने पर सहमति देने की पुष्टि हुई।
कार के डैशबोर्ड बॉक्स में रखवाई रिश्वत की रकम
शिकायत सत्यापित होने के बाद उप महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज नारायण टोगस के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई।
ACB के अनुसार आरोपी पटवारी ने शिकायतकर्ता को अपनी कार में बैठाया और रिश्वत की राशि कार के डैशबोर्ड (डेस्क) बॉक्स में रखने को कहा। तय योजना के अनुसार जैसे ही राशि रखवाई गई, ACB टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
कार्रवाई की निगरानी अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव तथा महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के सुपरविजन में की जा रही है।
ACB ने जनता से की अपील
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी वैध कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत ACB को दें।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन:
टोल फ्री: 1064
व्हाट्सएप हेल्पलाइन: 9413502834
ACB का कहना है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और वैध कार्य करवाने में पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
राजस्थान में ACB लगातार ट्रैप कार्रवाई कर भ्रष्टाचार के मामलों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। भूमि अभिलेख, नामांतरण और न्यायालयी आदेशों के अनुपालन से जुड़े मामलों में रिश्वत की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
हालांकि, इस मामले में आरोपी पर लगे आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अभी शेष है। अंतिम निर्णय न्यायालय में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
FAQ
प्रश्न: आरोपी कौन है?
उत्तर: भंवर सिंह, जो जहाजपुर तहसील के पटवार हल्का ऊंचा में पटवारी के पद पर कार्यरत था।
प्रश्न: कितनी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: 20,000 रुपये।
प्रश्न: रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी?
उत्तर: शिकायत के अनुसार न्यायालय के निर्णय के अनुरूप जमीन की डिक्री की पालना करने के बदले।
प्रश्न: कार्रवाई किस एजेंसी ने की?
उत्तर: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टोंक इकाई ने।
प्रश्न: शिकायत कहां की गई थी?
उत्तर: ACB की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर।
