CEIR पोर्टल से भीलवाड़ा पुलिस की बड़ी सफलता: तीन माह में 281 खोए और चोरी हुए मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए

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भीलवाड़ा। भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) एवं संचार साथी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा पुलिस ने पिछले तीन माह में 281 खोए एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए।

जिला पुलिस अधीक्षक सागर (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) राजेश आर्य के पर्यवेक्षण में साइबर सेल एवं जिले के विभिन्न थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शहरी क्षेत्र के 60 से अधिक मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए, जबकि शेष मोबाइल संबंधित थानों के माध्यम से उनके मालिकों को लौटाए गए।

बरामद मोबाइलों में सबसे अधिक 47 मोबाइल प्रतापनगर थाना, 26 गुलाबपुरा, 18 करेड़ा, 16 जहाजपुर, 12 सुभाष नगर, 11-11 गंगापुर व कोटड़ी, 10 बनेड़ा, 9-9 हनुमान नगर व कोतवाली, 8-8 भीमगंज, बिजौलिया, मांडल व मांडलगढ़, 7 साइबर थाना, 6-6 बदलियास, काछोला, पारोली, फूलिया, शाहपुरा, शंभूगढ़ व गांधीनगर, 5-5 हमीरगढ़, पांडेर व पुर, 4 आसींद, 3 करौई, 2-2 बीगोद व रायला, जबकि सदर भीलवाड़ा एवं मंगरोप थाना क्षेत्र से एक-एक मोबाइल बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, सीईआईआर पोर्टल पर अब तक दर्ज 2709 ट्रेस शिकायतों में से 2005 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।

जिले में सीईआईआर पोर्टल का संचालन साइबर सेल प्रभारी आशीष मिश्रा के नेतृत्व में किया जा रहा है। नोडल कार्मिक कांस्टेबल छोटू रेबारी शिकायतों की तकनीकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस कार्य में हेड कांस्टेबल समरथ आचार्य, कांस्टेबल राजेश कुमार, मगाराम, दिनेश कुमार, कृष्ण, संजय सहित साइबर सेल एवं विभिन्न थानों के साइबर हेल्पडेस्क कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मोबाइल खोने पर तुरंत करें शिकायत

जिला पुलिस अधीक्षक सागर (आईपीएस) ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल खोने या चोरी होने पर घबराने के बजाय तुरंत सीईआईआर पोर्टल या संचार साथी ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत के लिए मोबाइल का आईएमईआई नंबर, संबंधित मोबाइल नंबर, पहचान पत्र तथा राजस्थान पुलिस की वेबसाइट पर दर्ज लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट आवश्यक है। समय पर शिकायत दर्ज होने से मोबाइल को ब्लॉक कर उसका दुरुपयोग रोका जा सकता है तथा ट्रेस होने पर उसे शीघ्र उसके वास्तविक मालिक को वापस दिलाया जा सकता है।

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