21 बेंचों पर होगा मामलों का निस्तारण
भीलवाड़ा, 9 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित सिविल, फौजदारी और राजस्व संबंधी राजीनामा योग्य मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन ने जिले के सभी न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। भीलवाड़ा जिले में मामलों के निस्तारण के लिए कुल 21 बेंचों का गठन किया गया है। इन बेंचों में न्यायिक एवं राजस्व अधिकारियों के साथ अनुभवी अधिवक्ता सदस्य के रूप में पक्षकारों को समझाइश देकर विवादों का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा योग्य विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण आपसी बातचीत और सहमति के आधार पर किया जाएगा। इसमें बैंक, बिजली और अन्य संस्थाओं से संबंधित प्रकरणों के साथ मुकदमा दायर होने से पहले के विवाद भी रखे जा सकते हैं। संबंधित मामलों में नियमानुसार मूल राशि में छूट अथवा ब्याज में राहत की संभावना भी हो सकती है, जो संबंधित संस्था की शर्तों और सहमति पर निर्भर करेगी।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दोनों पक्षों को साथ बैठाकर उनकी बात सुनी जाती है और बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने का प्रयास किया जाता है। इसकी प्रक्रिया सामान्य न्यायालय की तुलना में अधिक सहज और अनौपचारिक होती है। किसी भी पक्ष पर राजीनामा थोपने के बजाय दोनों पक्षों की स्वैच्छिक सहमति होने पर ही निर्णय पारित किया जाता है।
प्राधिकरण सचिव ने आमजन से अपील की है कि वे अपने राजीनामा योग्य मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर आपसी सहमति से विवाद का निस्तारण कराएं। इससे समय और धन की बचत होने के साथ लंबे समय से चल रहे विवादों को समाप्त करने का अवसर मिलेगा।
