आसींद | क्षेत्र के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल बैकुंठ धाम बरनाघर में आयोजित सात दिवसीय 51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा महापूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। आयोजन का मुख्य आकर्षण हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा रही, जिसे देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दी आहुतियां यह महायज्ञ आचार्य गोपाल शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुआ। आचार्य द्वारा उच्चारित वेद मंत्रों के बीच मुख्य यजमानों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुतियां देकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसी के साथ मंदिर के भव्य शिखर पर कलश की स्थापना भी विधि-विधान से की गई। जिसकी बोली 26 लाख रुपए पोखरमल कोली के द्वारा लगाई गई।
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“शिक्षा और संगठन ही प्रगति का आधार”
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए कोटा के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने मंच से समाज को संबोधित किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक भाषण में निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:
सामाजिक सुधार: उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में सुधार केवल शिक्षा और संगठित रहने से ही संभव है।
नर सेवा ही नारायण सेवा: गुंजल ने आह्वान किया कि हर निर्धन व्यक्ति को ‘गणेश’ (प्रभु) मानकर उसकी सेवा करनी चाहिए।
लोकतंत्र और आस्था: उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार जनता और शासन समतुल्य हैं। साथ ही उन्होंने देवनारायण भगवान को सर्व समाज का आराध्य बताया।
आसींद की महिमा: उन्होंने आसींद क्षेत्र को ‘देवभूमि’ की संज्ञा देते हुए कहा कि सवाई भोज, मालासेरी डूंगरी, गढ़ गोठा, बरनागर बैकुंठ धाम और तांबेसर की बावड़ी जैसे ‘पंच तीर्थ’ इस धरा की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को जीवंत रखे हुए हैं।
संत समागम और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय तीर्थ सवाई भोज के महंत सुरेश दास महाराज, आसपाहड दरबार के महेंद्र पुरी महाराज, साडू माता तांबेसर की बावड़ी मंहत लक्ष्मण दास महाराज, चिड़िया दास महाराज एवं नारायण दास महाराज का आशीर्वाद मिला। कथावाचक अनमोल श्री गुर्जर ने भागवत प्रसंगों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में सांसद दामोदर अग्रवाल, पूर्व पालिका अध्यक्ष देवीलाल साहू, तेजवीर सिंह चुंडावत सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भामाशाहों का सम्मान एवं आयोजन समिति यज्ञ समिति द्वारा मंदिर शिखर कलश, पुष्पवर्षा और आरती के मुख्य बोलियों वाले भामाशाहों का अभिनंदन किया गया। इस सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष कुंपाराम गुर्जर, कोषाध्यक्ष मेवाराम, सचिव पारसमल गुर्जर, गिरधारी लाल गुर्जर, पुजारी कुंपाराम (गढ़ गोठा), धर्मीचंद कोली, फौजमल गुर्जर, गिरधारी गुर्जर (बेमाता मंदिर), ,मालासेरी डूंगरी पुजारी देवकरण पोसवाल,शिवराज गुर्जर और छगनलाल गुर्जर सहित पूरी कमेटी का समर्पण अतुलनीय रहा।
बैकुंठ धाम बरनाघर: 51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ का भव्य समापन; पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने दिया ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का संदेश
