पुरुषोत्तम मास में भगवान का स्मरण जीवन को सफल बनाता है : पंडित गौरी शंकर शास्त्री
भीलवाड़ा।
सनातन सेवा समिति, हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर एवं महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला निरंतर जारी है। पूरे माह चल रहे आध्यात्मिक आयोजनों के तहत श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक पूर्णिमा उद्यापन एवं श्री सत्यनारायण कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा वाचक पंडित गौरी शंकर शास्त्री ने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संसार परिवर्तनशील है और मनुष्य को अपूर्णता से पूर्णता की ओर बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। भगवान का स्मरण और भक्ति ही जीवन को सार्थक एवं सफल बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है।
उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में किए गए जप, तप, दान, पूजा-पाठ, कथा श्रवण और सत्संग का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान के नाम का स्मरण व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का विकास करता है और उसे आत्मिक शांति प्रदान करता है।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर पुरुषोत्तम मास में किए गए व्रत, जप, तप और धार्मिक अनुष्ठानों का उद्यापन किया।
आश्रम के संत मायाराम ने बताया कि धार्मिक प्रवचनों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए 1 जून से 7 जून तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा का वाचन एवं प्रवचन जबलपुर के पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज द्वारा किया जाएगा। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का रसपान कराया जाएगा।
इसके पश्चात 8 जून से 14 जून तक श्रीशिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। कथा का वाचन काशी के विद्वान संत डॉ. स्वामी निर्मल दास जी महाराज द्वारा किया जाएगा। कथा के माध्यम से भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक जीवन के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला जाएगा।
आश्रम के संत गोविन्दराम ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के समापन अवसर पर 15 जून को विशाल संत समागम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विष्णु यज्ञ की पूर्णाहुति, गंगा आरती, रामधुन विश्राम एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे। विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्माओं का सान्निध्य प्राप्त होगा तथा श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से श्रीमद्भागवत कथा, श्रीशिव महापुराण कथा एवं समापन समारोह में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
