सरकारी अधिकारी पर कथित हमले से कर्मचारियों में रोष, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

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भीलवाड़ाआयुर्वेद विभाग कार्यालय में ऑन ड्यूटी कार्यरत अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा पर हुए कथित जानलेवा हमले को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत), जिला भीलवाड़ा ने रोष जताया है। महासंघ ने मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक एवं सीआईडी-सीबी के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन भेजकर मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जिला अध्यक्ष लक्की ब्यावट ने कहा कि ड्यूटी के दौरान एक सरकारी अधिकारी पर कथित हमला गंभीर घटना है। इससे जिले के विभिन्न राजकीय विभागों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है। संगठन के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में नाम को लेकर हुई कथित गलतफहमी के कारण बिना समुचित पहचान एवं सत्यापन के अधिकारी को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है कि आरोपियों की रंजिश किसी अन्य व्यक्ति से थी, जिसका आयुर्वेद विभाग से कोई संबंध नहीं था, तो मामला और भी गंभीर हो जाता है।

ज्ञापन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने या भयभीत करने तथा लोक सेवक को उसके कर्तव्य के कारण चोट पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि मामले में वास्तविक धाराएं जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर निर्धारित की जाएं।

कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने बताया की महासंघ ने मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक एवं सीआईडी-सीबी के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन भेजकर मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

महासंघ की प्रमुख मांगें

महासंघ ने ओमप्रकाश शर्मा पर हुए हमले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ लागू कानून के तहत कठोर कार्रवाई और किसी भी प्रकार के दबाव को कार्रवाई में बाधक नहीं बनने देने की मांग की गई।

इसके साथ ही शर्मा एवं उनके परिवार की सुरक्षा का समुचित आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने, मामले में प्रभावी कार्रवाई कर भविष्य के लिए मिसाल कायम करने की मांग भी की गई।

महासंघ ने जिले के सभी राजकीय कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, संवेदनशील कार्यालयों की पहचान तथा आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने की मांग रखी। कार्यालय समय एवं आवश्यकता के अनुरूप संवेदनशील राजकीय कार्यालयों में होमगार्ड सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

ज्ञापन में सरकारी कार्यालयों में अनधिकृत प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण, आगंतुकों की पहचान, प्रवेश-पंजी जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा सरकारी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ मारपीट, धमकी, अभद्रता या हिंसा की घटना होने पर विभाग एवं पुलिस द्वारा तत्काल प्रभावी कार्रवाई के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल जारी करने की मांग की गई।

महासंघ ने कहा कि सरकारी कर्मचारी भयमुक्त वातावरण में अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन कर सकें, इसके लिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।

ज्ञापन के दौरान वीरेंद्र सिंह आयुष नर्स एसोसिएशन, भेरू सिंह राजपूत परिचालक संघ, अशोक कुमार शर्मा मंत्रालय कर्मचारी सहायक संघ,श्रवन कुमार सेन वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी,मुकुट राज सिंह जी नर्सिंग अधीक्षक, चंद्र देव जी आर्य वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी, आशीष जी पंचोली सहायक प्रशासनिक अधिकारी,महेंद्र जी गॉड सहायक प्रशासनिक अधिकारी,अरुण जी पुरोहित प्रिंसिपल एनएमटीसी, नीरज जी व्यास फार्मासिस्ट,नवनीत सेन,राजकुमार शर्मा, मुरलीधर शर्माअध्यक्ष व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ मौजूद रहे

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