मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की उठी मांग
भीलवाड़ा – राजेन्द्र खटीक ।
भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ तहसील के काछोला थाना क्षेत्र में उर्मिला आचार्य की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर आचार्य ब्राह्मण समाज में भारी रोष व्याप्त है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मेवाड़ सहित प्रदेशभर के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समाज प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में समाज प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही उर्मिला आचार्य को दहेज की मांग को लेकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही पति के कथित अवैध संबंधों और पूरे घटनाक्रम में साजिश की आशंका भी जताई गई है।
समाज के लोगों का कहना है कि घटना को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस जांच की रफ्तार धीमी है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला हत्या का है या प्रताड़ना के चलते आत्महत्या का।
ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई है। साथ ही आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मोबाइल फोन जब्त करने, कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच, संबंधित घरों की तलाशी, विसरा एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जल्द जांच कराने की मांग भी उठाई गई।
समाज प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
