दो दिन से लापता थे दिव्यांश और रजत, पालड़ी की खदान में मिले शव; पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर मोर्चरी पर धरना

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भीलवाड़ा। घर से खेलने के लिए निकले दो मासूम बच्चों की तलाश का अंत मंगलवार शाम दर्दनाक हादसे के रूप में हुआ। पालड़ी क्षेत्र की पानी से भरी खदान में 10 वर्षीय दिव्यांश सोनी और रजत जाट के शव मिलने के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। बच्चों के परिजनों ने पुलिस पर तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि दोनों बच्चे 4 अक्टूबर को घर से निकले थे। इसके बाद से लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते तलाश को गंभीरता से किया जाता तो शायद बच्चों का पता पहले चल सकता था।

मंगलवार शाम पालड़ी के पास पानी से भरी खदान में दोनों बच्चों के शव दिखाई देने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। पहचान के लिए परिजनों को बुलाया गया तो माहौल गमगीन हो गया।

बच्चों की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश भी सामने आया। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना दे दिया। परिजन मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

प्रारंभिक तौर पर पुलिस को आशंका है कि दोनों बच्चे खेलते हुए खदान के पास पहुंचे होंगे और पानी में डूबने से हादसे का शिकार हुए। हालांकि मौत के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होंगे।

घटना ने क्षेत्र में खुली पड़ी पानी से भरी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई खदानें बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के खुली पड़ी हैं, जिससे बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बना रहता है। लोगों ने ऐसी खदानों की तारबंदी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है।

दो मासूमों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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