हार का हिसाब चुकता, अब चेयरमैन की दौड़ में अलकेश वैष्णव!

खबर को शेयर करे :-

25 वार्डों में सबसे बड़ी जीत ने बढ़ाया सियासी कद, विधायक से पति की नजदीकी भी बनी चर्चा का केंद्र

जहाजपुर । नगर पालिका चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब पार्षदों की जीत से आगे नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों के नामों पर मंथन शुरू हो गया है। इसी बीच वार्ड नंबर 11 से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित अलकेश वैष्णव का नाम अध्यक्ष पद के संभावित चेहरे के रूप में तेजी से चर्चा में है।

अलकेश वैष्णव की दावेदारी की सबसे बड़ी वजह उनका चुनावी प्रदर्शन माना जा रहा है। हाल ही में संपन्न चुनाव में उन्होंने वार्ड नंबर 11 से शानदार जीत दर्ज की और 25 वार्डों में सर्वाधिक मतों के अंतर से जीत हासिल करने वाली प्रत्याशी बनीं। इस बड़े अंतर की जीत ने उनके राजनीतिक कद को मजबूत किया है और अध्यक्ष पद की दौड़ में उनका नाम प्रमुखता से सामने आया है।

पिछली हार का दिया करारा जवाब

अलकेश वैष्णव का राजनीतिक सफर भी इस चुनाव के बाद चर्चा में है। पिछले नगर पालिका चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। हार के बावजूद उन्होंने राजनीतिक सक्रियता जारी रखी और क्षेत्र में लगातार लोगों के बीच बनी रहीं। इस बार उन्होंने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि पूरे पालिका क्षेत्र में सबसे बड़े मतांतर से जीत हासिल कर पिछली हार का हिसाब भी चुकता कर दिया।

पति पवन वैष्णव की विधायक से नजदीकी भी बनी चर्चा

अलकेश वैष्णव की अध्यक्ष पद की दावेदारी के साथ उनके पति पवन वैष्णव की विधायक गोपीचंद मीणा से नजदीकी भी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनी हुई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पवन वैष्णव लंबे समय से विधायक के साथ सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2017 से राजनीतिक गतिविधियों में विधायक के साथ मजबूती से खड़े रहने के कारण उन्हें विधायक के करीबी समर्थकों में गिना जाता है। कोरोना काल जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी पवन वैष्णव विधायक के साथ सक्रिय रहे। राजनीतिक गतिविधियों के दौरान उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उन्होंने राजनीतिक सक्रियता जारी रखी और विधायक का साथ नहीं छोड़ा।

पालिका से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक सक्रिय

पवन वैष्णव नगर पालिका चुनाव के साथ पंचायत राज, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। लंबे समय से विधायक के साथ राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उनकी संगठनात्मक और राजनीतिक सक्रियता भी अलकेश वैष्णव की दावेदारी के समीकरण में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गोल्ड मेडलिस्ट हैं अलकेश वैष्णव

अलकेश वैष्णव की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उल्लेखनीय है। उन्होंने माणिक्य लाल वर्मा गर्ल्स कॉलेज, भीलवाड़ा से बीए किया है। इसके बाद वनस्थली विद्यापीठ, निवाई से संगीत में एमए किया और एमए संगीत में गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं।

फैसला भाजपा नेतृत्व के हाथ में

भाजपा को पालिका में स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अध्यक्ष पद के लिए कई नामों की चर्चा है। ऐसे में अलकेश वैष्णव की बड़े मतांतर से जीत, पिछली हार के बाद वापसी, राजनीतिक सक्रियता और पार्टी के प्रमुख नेताओं से जुड़े राजनीतिक समीकरण उनकी दावेदारी को मजबूत करने वाले पहलू माने जा रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व और निर्वाचित पार्षदों के राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेगा।

अब सियासी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पिछली बार मामूली अंतर से हारने वाली अलकेश वैष्णव इस बार 25 वार्डों में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड बनाने के बाद क्या नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंच पाएंगी?

खबर को शेयर करे :-
KP Times
KP Times
KP Times App
खबरें पढ़ें सीधे हमारे Android App पर
APP डाउनलोड