भीलवाड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बुधवार को गोविंद वृद्धाश्रम, मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान वृद्धजनों के लिए विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में वृद्धजनों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक संरक्षण और आवश्यकता पड़ने पर मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई।
वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान रश्मि आर्य ने वृद्धाश्रम परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने वृद्धजनों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने वृद्धाश्रम में उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए प्रबंधन और कर्मचारियों द्वारा वृद्धजनों की सेवा एवं देखभाल के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
रश्मि आर्य ने वृद्धजनों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और उनके साथ बैठकर भोजन भी चखा। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि वृद्धजनों को परिवार जैसा वातावरण और सम्मान देना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
वृद्धजनों की समस्याएं सुनीं
विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित वृद्धजनों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने वृद्धजनों की विभिन्न समस्याओं को सुना और उन्हें आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया।
इस दौरान वृद्धजनों को बताया गया कि किसी कानूनी समस्या की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में गोविंद वृद्धाश्रम के अध्यक्ष रमेंद्र अवस्थी, निदेशक नीरज पारासर, लोक अदालत सदस्य शांतिलाल जैन, चीफ LADCS अधिवक्ता सुनील पारीक, सीए पुनीत मेहता, मनोज व्यास, दीपक अग्रवाल, विकास गायरी, जनार्दन उपाध्याय सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।
वहीं राधाजीवन संध्या संस्थान के पदाधिकारी ललित कालिया, कैलाश कावरा, लड्ढा एवं राजकुमार जगेटिया भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वृद्धजन भी काफी प्रसन्न नजर आए। उन्होंने रश्मि आर्य एवं पूरी टीम के आत्मीय व्यवहार, समय और कानूनी मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूत करना रहा।
