जालोर में 80 वर्षीय दृष्टिहीन महिला की गुहार पर कलेक्टर खुद चैंबर से बाहर आए, बंद पेंशन दोबारा शुरू करने के दिए निर्देश

खबर को शेयर करे :-

जालोर। जालोर जिला कलेक्टरेट में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। करीब 80 वर्षीय दृष्टिहीन महिला कोकु देवी अपनी बंद पेंशन की समस्या लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उनकी परेशानी की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे स्वयं अपने चैंबर से बाहर आए और गैलरी में ही उनकी बात सुनकर तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

कोकु देवी ने बताया कि लगभग पांच वर्ष पहले बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उनके फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं आने के कारण उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद कर दी गई थी। इसके बाद से वह लगातार विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन उनकी पेंशन दोबारा शुरू नहीं हो सकी।

कलेक्टर ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

महिला की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोकु देवी की पेंशन प्राथमिकता के आधार पर दोबारा शुरू कराई जाए। साथ ही उन्हें पात्रता के अनुसार आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि यदि किसी आवश्यक दस्तावेज की कमी है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तैयार कराया जाए, ताकि महिला को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता से सुना जाए तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि कोकु देवी के मामले में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस घटना की स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा रही। कई लोगों ने इसे प्रशासन की संवेदनशील पहल बताते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान होना ही सुशासन की पहचान है।

खबर को शेयर करे :-
KP Times
KP Times
KP Times App
खबरें पढ़ें सीधे हमारे Android App पर
APP डाउनलोड