उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना में जिला कारागृह का आकस्मिक निरीक्षण

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भीलवाड़ा। माननीय उच्चतम न्यायालय के प्रकरण रिट पिटीशन नंबर 1404/2023, सुकन्या शांता बनाम भारत सरकार में पारित 3 अक्टूबर 2024 के आदेश एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन की अध्यक्षता में जेल विजिटिंग बोर्ड ने 18 सितंबर को जिला कारागृह, भीलवाड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन ने जेलर हीरालाल से बंदियों के स्वास्थ्य एवं उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया कि पूर्व निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुसार दो बंदियों का ऑपरेशन कराया गया, जो वर्तमान में स्वस्थ हैं।

निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी ली गई कि क्या कारागृह में किसी विशेष जाति या धर्म से संबंधित बंदियों के साथ विशेष व्यवहार किया जा रहा है अथवा बंदियों को सामाजिक-आर्थिक स्थिति, जाति, वर्ग या लिंग के आधार पर वर्गीकृत किया जा रहा है। इस पर जेलर हीरालाल ने बताया कि जिला कारागृह, भीलवाड़ा में निरुद्ध सभी बंदियों के साथ जाति, धर्म अथवा सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने कारागृह में सीवरेज व्यवस्था, बैरकों की सामान्य मरम्मत एवं साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जेलर को आवश्यक सुधार और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन डॉ. हरीतिमा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजीव शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी रामअवतार जाट, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता बाबूलाल रेगर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेंद्र कुमार गग्गड़, डॉ. अभिषेक शर्मा, जेलर हीरालाल सहित निजी सहायक निर्मल दुग्गड़, मनोज व्यास, दीपक अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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