लंबित मांगों को लेकर एकीकृत महासंघ ने सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

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आरजीएचएस सुविधा बहाली, समर्पित अवकाश भुगतान सहित कई मांगों को लेकर कर्मचारियों में रोष

भीलवाड़ा। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के आह्वान पर भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।

महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों पर सरकार के संवेदनहीन रवैये को लेकर कर्मचारी संगठनों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है और संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया है।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ माह से वेतन से राशि कटौती होने के बावजूद निजी अस्पतालों में आरजीएचएस सुविधा ठप पड़ी हुई है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारी और पेंशनर्स इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं।

इसके अलावा समर्पित अवकाश के नगद भुगतान में देरी, वोकेशनल प्रशिक्षकों की लंबित मांगें, हरियाणा मॉडल लागू करने, महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत कंप्यूटर कर्मियों को सीएसआर में शामिल करने तथा मेडिकल कॉलेज नर्सिंग स्टाफ का बकाया वेतन जारी करने जैसी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया।महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी प्रतिदिन एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन एवं कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

इस दौरान करण सिंह, ललित जीनगर, दिनेश खटीक, विनोद सोनी, पवन सेन, मुरलीधर शर्मा, आशीष सोनी, धनराज प्रजापत, श्रीराम साहू, गोपाल व्यास सहित कई कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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