भीलवाड़ा। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा के निर्देशन में परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने मुजरास टोल पर देर रात तक विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान गुजरने वाली 13 लग्जरी एवं स्लीपर बसों का सघन निरीक्षण किया गया।
जांच अभियान का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य के निर्देशन में किया गया। इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवांगिनी ओदिच्य, जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। संयुक्त टीम ने बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, फर्स्ट एड बॉक्स, चालक के दस्तावेज तथा यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों की गहन जांच की।
निरीक्षण के दौरान 7 बसों में मोटर वाहन अधिनियम एवं सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कुल ₹91,600 के चालान बनाए गए। जिन बसों में सभी सुरक्षा मानक एवं आवश्यक दस्तावेज सही पाए गए, उन्हें जांच के बाद यात्रियों सहित उनके निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने कहा कि “यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सभी संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
उन्होंने बताया कि एक माह तक चलने वाला यह विशेष अभियान जिले के विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि बस संचालकों में सुरक्षा नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा प्रत्येक यात्री को सुरक्षित एवं भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराना है।
