गुरला। मांडल तहसील के छतरी खेड़ा गांव में बुधवार रात उस समय अनोखा नजारा देखने को मिला, जब पानी भरने के कारण एक घर में सांप और मेंढक एक ही कोने में शांत अवस्था में बैठे नजर आए। आमतौर पर सांप और मेंढक को एक-दूसरे का प्राकृतिक शिकार माना जाता है, लेकिन यहां दोनों ने संकट की घड़ी में एक-दूसरे पर हमला करने के बजाय साथ रहना पसंद किया।
घर में पानी भरने की सूचना मिलने पर वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सांप और मेंढक दोनों एक ही स्थान पर शांत बैठे हुए थे। राणावत ने सावधानी और सूझबूझ से दोनों वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू किया और बाद में उन्हें उनके प्राकृतिक आवास के पास जंगल में छोड़ दिया।
कुलदीप सिंह राणावत ने कहा कि संकट के समय प्रकृति का यह दृश्य इंसानों को भी सीख देता है कि मुश्किल परिस्थिति में आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेजुबान वन्यजीवों का यह व्यवहार अपने आप में एक अलग संदेश देता है।
घटना के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने सांप और मेंढक के इस अनोखे दृश्य को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। घटना का वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
