33 में से 29 खिलाड़ियों ने जीते पदक, 17 व 19 वर्ष आयु वर्ग में शानदार प्रदर्शन
भीलवाड़ा। लाडो सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित लाडो स्पोर्ट्स एकेडमी की बालिकाओं ने 70वीं स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत आयोजित बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया। प्रतियोगिता में एकेडमी के 33 खिलाड़ियों ने अलग-अलग भार वर्गों में हिस्सा लिया, जिनमें से 29 खिलाड़ियों ने पदक जीतकर उपलब्धि हासिल की।
24 से 27 सितंबर तक कमालपुरा में आयोजित बॉक्सिंग प्रतियोगिता में जिलेभर से करीब 250 खिलाड़ियों ने भाग लिया। लाडो स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाड़ियों ने 17 वर्ष और 19 वर्ष आयु वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।
17 वर्ष आयु वर्ग में प्रदर्शन
स्वर्ण पदक: वंशिका राजावत (80+ किग्रा)
रजत पदक: ज्योति खटीक (47 किग्रा), तमन्ना रैगर (54 किग्रा), भावना निर्वाण (58 किग्रा), कोमल धाकड़ (61 किग्रा), आयुषी प्रजापत (49 किग्रा), खुशी (65 किग्रा), स्नेहा (58 किग्रा)
कांस्य पदक: वंशिका राठौड़ (51 किग्रा), निशा वर्मा (53 किग्रा), ममता रैगर (45 किग्रा)
19 वर्ष आयु वर्ग में शानदार प्रदर्शन
स्वर्ण पदक: संध्या स्वाइन (56 किग्रा), लक्ष्मी (62 किग्रा), खुशी जाट (65 किग्रा), कविता सालवी (66 किग्रा), मीना कोली (58 किग्रा), राजेश्वरी (68 किग्रा), मुस्कान यादव (80+ किग्रा), श्रद्धा मोची (74 किग्रा)
रजत पदक: सिद्धि माली (51 किग्रा), सावित्री गुर्जर (53 किग्रा), माधवी सेन (79 किग्रा), मुस्कान खारोल (44 किग्रा)
कांस्य पदक: साक्षी (46 किग्रा), कोमल कुमावत (47 किग्रा), खुशबू बंसल (50 किग्रा), सुमन बलाई (53 किग्रा), रीना मेघवंशी (48 किग्रा), रिद्धि माली (48 किग्रा)
लाडो स्पोर्ट्स एकेडमी की बालिकाओं के इस प्रदर्शन से एकेडमी में खुशी का माहौल है। खिलाड़ियों ने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने बताया कि लाडो स्पोर्ट्स एकेडमी पिछले 8 वर्षों से खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटियों को खेल का अवसर और उचित प्रशिक्षण मिले तो वे पदक जीतने के साथ जिले और प्रदेश का नाम भी रोशन कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि लाडो सेवा फाउंडेशन का उद्देश्य आर्थिक कारणों से किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी की प्रतिभा को रुकने नहीं देना और उसे आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराना है।
