16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह महोत्सव के लिए तैयारियां तेज हुई 

खबर को शेयर करे :-

भीलवाड़ा। धर्मनगरी भीलवाड़ा सनातन भक्ति एवं श्रद्धा का नया इतिहास रचेगा जब 20 नवम्बर को 16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह महोत्सव के भव्य आयोजन का साक्षी बनेगा। श्री तुलसीजी से विवाह करने के लिए राजाधिराज मेवाड़ धणी श्री गढ़बोर चारभुजानाथ की प्रथम भव्य एतिहासिक बारात का आगमन भीलवाड़ा में होगा। शहर के आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउण्ड पर होने वाले इस महामहोत्सव के आयोजन 17 नवम्बर से प्रारंभ हो जाएंगे। आयोजन से जुड़ी तैयारियां तेज हो गई है। महोत्सव के आयोजक श्री तुलसी शालिग्राम विवाह समिति की बैठक रविवार को शहर के महर्षि दधीची भवन में हुई। इसमें अब तक हुई तैयारियों की समीक्षा करने के साथ लंबित कार्यो को शीघ्र पूरा करने के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर कार्यकर्ताओं को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए। सभी कार्यकर्ताओं ने उन्हें सौपे गए दायित्वों को समर्पित भाव से निभाने ओर आयोजन को एतिहासिक सफल बनाने का संकल्प लिया। इस महाआयोजन में श्री तुलसीजी के धर्म माता-पिता के रूप में सहभागी बनने के लिए पंजीयन कराने की अंतिम समय सीमा 31 अक्टूबर है।

बैठक में महोत्सव के सूत्रधार श्रीविष्णु कृष्ण तनय महाराज ने कहा कि 16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह का आयोजन पहली बार होने जा रहा है। इस महाआयोजन को सफल बनाने के लिए सभी को तन मन धन से सहयोग करना है ओर अपने सभी परिजनों, मित्रों एवं समाजजनों को भी इस महाआयोजन से जोड़ने के लिए निरन्तर प्रयास करना है। भीलवाड़ा में पहली बार आए इस एतिहासिक स्वर्णिम अवसर से कोई वंचित नहीं रह जाए इसके लिए धर्म माता-पिता बनने के इच्छुक दंपतियों को शीघ्र पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया जाए। अधिकाधिक जन भागीदारी इस आयोजन में हो इसके लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे।

आयोजन समिति के संयोजक एसएन गग्गड़ ने आयोजन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी देने के साथ आगे की कार्ययोजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग से इस आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। कार्य को सहजता से पूर्ण करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया जा रहा है। आयोजन स्थल की साफ सफाई के लिए भी टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस महामहोत्सव के आयोजन 17 नवम्बर से प्रारंभ हो जाएंगे। इस दौरान 17 से 19 नवम्बर तक दोपहर 1 से 4 बजे तक रूक्मिणी मंगल कथा का आयोजन होगा। महोत्सव आयोजन में सहभागी श्रीचारभुजा पदयात्राी संघ के अध्यक्ष ब्रजमोहन सोमानी ने सभी चारभुजनाथ पदयात्रियों को आयोजन से जोड़ने का संकल्प जताया।

 समिति के उपाध्यक्ष हनुमान अग्रवाल ने आयोजन के लिए गठित विभिन्न समितियों के बारे में जानकारी दी ओर बताया कि किस कार्यकर्ता को क्या दायित्व सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को जो दायित्व मिला है उसे समर्पित सेवाभाव से निभाना है। 

राकेश शर्मा ने टेंट की व्यवस्था में सहयोग करने का संकल्प लिया। मनोज शर्मा गोटेवाला ने भी पंजीकरण में पूरा योगदान करने का संकल्प लिया। बैठक में समिति के अध्यक्ष राधेश्याम चेचाणी, मुख्य आचार्य योगेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र कचोलिया, सत्यनारायण मूंदड़ा, वल्लभ संकीर्तन के अध्यक्ष रमेश त्रिपाठी, महिला अध्यक्ष अलका जोशी आदि का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। संचालन कार्यालय प्रभारी रजनीकांत आचार्य ने किया।

खबर को शेयर करे :-
KP Times
KP Times
KP Times App
खबरें पढ़ें सीधे हमारे Android App पर
APP डाउनलोड