भीलवाड़ा के 41 विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर, बच्चों को बताए सुरक्षित स्कूल के कानूनी अधिकार

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ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत ‘सुरक्षित स्थान, जहां सपनों को पंख मिलते हैं’ विषय पर विद्यार्थियों को किया जागरूक

भीलवाड़ा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार मंगलवार को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत भीलवाड़ा न्याय क्षेत्र के 41 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय जैन के निर्देशन में आयोजित इन शिविरों में विद्यार्थियों को सुरक्षित विद्यालय, शिक्षा के अधिकार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

शिविरों का मुख्य विषय ‘सुरक्षित स्थान, जहां सपनों को पंख मिलते हैं’ (Safe Place That Gives Wings to Dreams) रहा। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया कि सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बच्चों का अधिकार है और विद्यालयों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

सुरक्षित स्कूल और बुनियादी सुविधाएं बच्चों का अधिकार

शिविरों में बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) की धारा 19 के तहत निर्धारित विद्यालयी मानकों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और सुरक्षित खेल का मैदान विद्यालय की आवश्यक सुविधाओं में शामिल हैं।

न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि यदि स्कूल की छत में दरारें हों, प्लास्टर गिर रहा हो, बिजली के तार खुले हों या खेल का मैदान असुरक्षित हो, तो विद्यार्थियों को तुरंत शिक्षकों, अभिभावकों अथवा विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) को इसकी जानकारी देनी चाहिए। बच्चों को अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों में सतर्क रहने और किसी भी खतरे की अनदेखी नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया।

हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

शिविरों में बच्चों को आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और नालसा की विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि किसी दुर्घटना या सुरक्षा संबंधी समस्या की स्थिति में बिना डर के मदद मांगें और जिम्मेदार व्यक्तियों को तत्काल सूचना दें।

हर महीने आयोजित हो रहे हैं जागरूकता शिविर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत भीलवाड़ा न्याय क्षेत्र में प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को अलग-अलग विषयों पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ तालुका स्तर पर भी न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

न्यायिक अधिकारियों ने किया शिविरों का आयोजन

जिला मुख्यालय पर न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल, महेंद्र कुमार ढाबी, बृजेश पंवार, नवीन चौधरी, रेखा वाधवा, मीना अग्रवाल, नागेंद्र सिंह, पवन काला, रिचा चौधरी, निलेश सिंह चौधरी और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवांगिनी औदिच्य सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया।

इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने और किसी भी असुरक्षित स्थिति में उचित सहायता लेने का संदेश दिया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ विद्यालयों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता विकसित करना है।

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