भीलवाड़ा। सिटी कोतवाली थाने में एक प्रार्थी ने प्रजापत समाज के छह पंच-मौतबिरों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार, कथित रूप से अवैध वसूली, धमकाने और अपमानित करने के आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता प्रकाश प्रजापत ने आरोप लगाया कि उसके परिवार ने वर्ष 2016 में मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुप्रथा को बंद करने कानिर्णय लिया था। इसके बाद समाज के कुछ लोगों ने परिवार का कथित तौर पर हुक्का-पानी बंद कर सामाजिक बहिष्कार कर दिया। शिकायत के अनुसार वर्ष 2017 में दादी के निधन के बाद परिवार से 23,151 रुपए दंड के रूप में वसूले गए।
प्रार्थी का आरोप है कि इसके बाद भी परिवार को पूरी तरह समाज में स्वीकार नहीं किया गया और सामाजिक कार्यक्रमों में आने-जाने तथा अन्य लोगों के उनके घर आने-जाने पर भी कथित रूप से रोक लगाने की धमकियां दी गईं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 में भी परिवार के रिश्तेदारों के यहां मृत्यु होने के बाद मृत्यु भोज करने का दबाव बनाया गया और प्रति घर 51 हजार रुपए देने की मांग की गई। रकम नहीं देने पर समाज से बहिष्कार और बदनाम करने की धमकियां देने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके परिवार के साथ सामाजिक संबंध रखने वाले लोगों से भी कथित तौर पर हजारों रुपए का दंड वसूलने की धमकी दी जाती रही।
मंदिर कार्यक्रम में भी विवाद का आरोपशिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में द्वारकाधीश मंदिर की वर्षगांठ के लिए चंदा लेने गए दीपक प्रजापत के साथ कथित तौर पर गाली-गलौच और धक्का-मुक्की की गई तथा समाज से बहिष्कृत होने की बात कहते हुए अपमानित किया गया।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि 17 अप्रैल 2025 को भी द्वारकाधीश भगवान के वर्षगांठ कार्यक्रम के लिए चंदा देने के बावजूद उनसे प्रति घर 51 हजार रुपए की मांग की गई और कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देने की धमकी दी गई।शिकायत में यह भी कहा गया है कि 28-29 अप्रैल 2026 को मंदिर की वर्षगांठ के दौरान परिवार को कथित तौर पर मंदिर में आने और प्रसादी लेने से रोका गया। साथ ही समाज के लोगों से परिवार के साथ किसी भी तरह का व्यवहार नहीं रखने की बात कहे जाने का आरोप लगाया गया है।5 लाख रुपए देने पर समाज में वापस लेने का आरोपशिकायतकर्ता का सबसे गंभीर आरोप है कि हाल ही में समाज के कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसके घर पहुंचकर 5 लाख रुपए देने पर परिवार को समाज में वापस लेने की बात कही। रकम देने से इनकार करने पर सामाजिक कार्यक्रमों से दूर रखने, परिवार की बहन-बेटियों की शादी समाज में नहीं होने देने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
प्रार्थी ने दावा किया है कि उसके पास कथित घटनाओं से संबंधित वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित हैं और वह उन्हें पुलिस के समक्ष साक्ष्य के रूप में पेश करने को तैयार है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व में भी इस संबंध में पुलिस को रिपोर्ट दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रार्थी ने सिटी कोतवाली थाना पुलिस से नामजद छह व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस में शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
