नाबालिग के अपहरण मामले में आरोपी को 20 साल की सजा, 65 हजार रुपये का जुर्माना

नाबालिग के अपहरण मामले में आरोपी को 20 साल की सजा, 65 हजार रुपये का जुर्माना
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भीलवाड़ा। नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में न्यायालय ने आरोपी कन्हैयालाल उर्फ दुर्गेश कीर को 20 वर्ष के कारावास और 65 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। 15 अक्टूबर 2026 को न्यायाधीश रेखा वधवा ने मामले में फैसला सुनाया।

प्रकरण के अनुसार, 1 जनवरी 2025 को परिवादी ने बीगोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री 30 दिसंबर 2024 को प्रतापपुरा से बीगोद ई-मित्र केंद्र पर फॉर्म भरवाने गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश बीगोद, आसपास के क्षेत्रों और रिश्तेदारियों में की। रिपोर्ट में एक व्यक्ति पर संदेह भी जताया गया था।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गवाहों के बयान लिए गए और बालिका को दस्तयाब किया गया। बालिका के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी कन्हैयालाल उर्फ दुर्गेश कीर के खिलाफ अपराध प्रमाणित मानते हुए उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय में चालान पेश किया।

मामले में विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने पीड़िता की ओर से पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 11 गवाहों के बयान और 21 दस्तावेज प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कारावास तथा 65 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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