फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी का खेल, दो युवक गिरफ्तार

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भीलवाड़ा। प्रतापनगर थाना पुलिस ने फर्जी म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लेनदेन के मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को सरकारी योजना का झांसा देकर उनके मोबाइल, आधार व पैन कार्ड की जानकारी हासिल करते और उनके नाम से ऑनलाइन बैंक खाते खुलवाने का प्रयास करते थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और भारतपे-पेटीएम के स्कैनर बरामद किए हैं।

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक 27 अगस्त की शाम कांस्टेबल कुलदीप सिंह और कांस्टेबल मुकेश कुमार गश्त पर थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम मानसरोवर झील पहुंची, जहां तीन युवक बैठे मोबाइल से काम करते मिले। पूछताछ में राजू रेगर ने बताया कि अंकित कुमार खटीक और कुलदीप टेलर उसके नाम से तीन ऑनलाइन खाते खुलवाने की बात कह रहे थे और प्रत्येक खाते के बदले 1,500 रुपये देने का लालच दिया था। आरोपियों ने राजू के मोबाइल से पैन कार्ड की फोटो लेकर उसके नाम से प्लास्टिक कार्ड भी तैयार करवा लिया था।

पुलिस ने कुलदीप टेलर के बैग की तलाशी ली तो उसमें अलग-अलग कंपनियों के 8 मोबाइल फोन, कई लोगों के पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, चेक लीफ और विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड मिले। इसके अलावा 3 भारतपे और 3 पेटीएम के स्कैनर भी बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर लोगों के नाम से म्यूल खाते खुलवाकर उनमें साइबर अपराध और ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त रकम मंगवाने तथा उसे हड़पने की बात बताई।

पुलिस ने मौके से कुलदीप टेलर और अंकित कुमार खटीक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मिले मोबाइल व दस्तावेज जब्त कर लिए। पुलिस के अनुसार राजू रेगर के नाम से ऑनलाइन खाता खोलने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन पैन कार्ड मैच नहीं होने के कारण खाता नहीं खुल पाया और इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई। मामले में धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच थानाधिकारी सुनील ताड़ा ने अपने जिम्मे ली है। मामले में बरामद बैंक दस्तावेजों और खातों के जरिए हुए संभावित साइबर लेनदेन की जांच की जा रही है।

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